Janmashtami 2026 LIVE: जन्मे नंदलाला, गूंजे जयकारे; अब घर पर ऐसे करें कान्हा का अभिषेक और आरती

देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव चरम पर है। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ मंदिरों और घरों में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठे। मथुरा-वृंदावन समेत देशभर के कृष्ण मंदिरों में जन्मोत्सव के बाद अभिषेक, आरती, श्रृंगार और भोग का सिलसिला शुरू हो गया है।

Janmashtami 2026 LIVE: जन्मे नंदलाला, गूंजे जयकारे; अब घर पर ऐसे करें कान्हा का अभिषेक और आरती

Janmashtami 2026 LIVE:

Yogesh Joshi| लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली |
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Janmashtami 2026: देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव अब अपने चरम पर है। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ मंदिरों से लेकर घरों तक **‘नंद के घर आनंद भयो’ और जय कन्हैया लाल की के जयकारे गूंज उठे। मथुरा-वृंदावन समेत देशभर के कृष्ण मंदिरों में जन्मोत्सव के बाद अभिषेक, आरती और भोग का दौर शुरू हो गया है। भक्त बाल गोपाल के दर्शन कर रहे हैं और भगवान को पंचामृत से स्नान कराकर विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। जन्माष्टमी के इस खास मौके पर जानिए मंदिरों में जन्मोत्सव के बाद के कार्यक्रम, पूजा-अभिषेक की विधि, शुभ समय और ज्योतिष से जुड़े खास अपडेट, साथ ही देशभर से मिल रहे पल-पल के अपडेट।

Janmashtami 2026 LIVE: जन्म के बाद कब खोलें व्रत?

Janmashtami 2026 LIVE: जन्माष्टमी का व्रत भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य और पूजा के बाद पारण किया जाता है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार अगले दिन सूर्योदय के बाद, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र समाप्त होने पर व्रत खोलना उचित माना जाता है। हालांकि कई जगह स्थानीय परंपरा के अनुसार निशीथ पूजा के बाद भी पारण किया जाता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार पारण का समय देखना बेहतर रहेगा।

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Janmashtami 2026 LIVE: देशभर में गूंज रही कान्हा की आरती, मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब; जयकारों से भक्तिमय हुआ माहौल

Janmashtami 2026 LIVE: श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद देशभर के मंदिरों में आरती और पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया है। मथुरा-वृंदावन से लेकर दिल्ली, मुंबई, जयपुर और दूसरे शहरों के कृष्ण मंदिरों में भक्त जन्मोत्सव की खुशी मना रहे हैं। कहीं शंख-घंटियों के बीच आरती हो रही है तो कहीं बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। मंदिरों में ‘जय कन्हैया लाल की’ और ‘नंद के घर आनंद भयो’ के जयकारे गूंज रहे हैं। घरों में भी भक्त लड्डू गोपाल की आरती कर माखन-मिश्री और मिठाई का भोग लगा रहे हैं।

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Janmashtami 2026 LIVE: कृष्ण जी की आरती

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला,

बजावै मुरली मधुर बाला ।

श्रवण में कुण्डल झलकाला,

नंद के आनंद नंदलाला ।

गगन सम अंग कांति काली,

राधिका चमक रही आली ।

लतन में ठाढ़े बनमाली

भ्रमर सी अलक,

कस्तूरी तिलक,

चंद्र सी झलक,

ललित छवि श्यामा प्यारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,

देवता दरसन को तरसैं ।

गगन सों सुमन रासि बरसै ।

बजे मुरचंग,

मधुर मिरदंग,

ग्वालिन संग,

अतुल रति गोप कुमारी की,

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,

सकल मन हारिणि श्री गंगा ।

स्मरन ते होत मोह भंगा

बसी शिव सीस,

जटा के बीच,

हरै अघ कीच,

चरन छवि श्रीबनवारी की,

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,

बज रही वृंदावन बेनू ।

चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू

हंसत मृदु मंद,

चांदनी चंद,

कटत भव फंद,

टेर सुन दीन दुखारी की,

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

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Janmashtami 2026 LIVE: ऐसे करें कान्हा का अभिषेक:

Janmashtami 2026 LIVE: भगवान कृष्ण के प्राकट्य के बाद सबसे पहले लड्डू गोपाल को साफ जल से स्नान कराएं। फिर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद दोबारा साफ जल से स्नान कराकर भगवान को नए वस्त्र पहनाएं और फूल, मुकुट व मोरपंख से श्रृंगार करें। माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग लगाएं, तुलसी दल अर्पित करें और अंत में दीप जलाकर श्रीकृष्ण की आरती करें।

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Janmashtami 2026 LIVE: घर-घर जन्मे कन्हाई, अब ग्रह-नक्षत्र भी दे रहे शुभ संकेत; अष्टमी-रोहिणी का खास संयोग बना

Janmashtami 2026 LIVE: भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ जन्माष्टमी का उत्सव चरम पर पहुंच गया है। इस बार जन्माष्टमी सिर्फ धार्मिक नजरिए से ही खास नहीं रही, बल्कि ज्योतिष के लिहाज से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बना, जिसे भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ा विशेष संयोग माना जाता है। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 4 सितंबर की सुबह 2:25 बजे शुरू हुई और 5 सितंबर की रात 12:13 बजे तक रहेगी, जबकि रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर की रात करीब 11:04 बजे तक रहा।

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार रोहिणी नक्षत्र का संबंध चंद्रमा से है और भगवान कृष्ण का जन्म भी रोहिणी नक्षत्र में माना जाता है। यही वजह है कि इस बार की जन्माष्टमी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। कई ज्योतिषीय आकलनों में इस संयोग को शुभ मानते हुए धन, करियर, परिवार और रुके कामों से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत बताए गए हैं।

अब जन्माष्टमी के बाद भक्तों की नजर नंदोत्सव और अगले दिन होने वाले उत्सवों पर है। मंदिरों से लेकर घरों तक कान्हा के जन्म की खुशी में भजन, आरती और प्रसाद का सिलसिला जारी है।

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Janmashtami 2026 LIVE: Krishna Ji Aarti : श्री कृष्ण जी की आरती

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला,

बजावै मुरली मधुर बाला ।

श्रवण में कुण्डल झलकाला,

नंद के आनंद नंदलाला ।

गगन सम अंग कांति काली,

राधिका चमक रही आली ।

लतन में ठाढ़े बनमाली

भ्रमर सी अलक,

कस्तूरी तिलक,

चंद्र सी झलक,

ललित छवि श्यामा प्यारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,

देवता दरसन को तरसैं ।

गगन सों सुमन रासि बरसै ।

बजे मुरचंग,

मधुर मिरदंग,

ग्वालिन संग,

अतुल रति गोप कुमारी की,

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,

सकल मन हारिणि श्री गंगा ।

स्मरन ते होत मोह भंगा

बसी शिव सीस,

जटा के बीच,

हरै अघ कीच,

चरन छवि श्रीबनवारी की,

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,

बज रही वृंदावन बेनू ।

चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू

हंसत मृदु मंद,

चांदनी चंद,

कटत भव फंद,

टेर सुन दीन दुखारी की,

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

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Janmashtami 2026 LIVE: कान्हा के प्राकट्य की घड़ी बेहद करीब, मथुरा जन्मभूमि में अंतिम अनुष्ठान जारी; बस कुछ पल का इंतजार

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठान जारी हैं। श्रद्धालुओं की नजरें अब घड़ी की सुइयों पर टिकी हैं। रात 12 बजे श्रीकृष्ण के प्राकट्य दर्शन और आरती का खास पल आएगा। इसके बाद भगवान का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। जन्मभूमि परिसर में भक्त कान्हा के जन्म की खुशी में जयकारों के साथ इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रहे हैं।

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Janmashtami 2026 LIVE: घर पर ऐसे करें कान्हा का अभिषेक, जन्म के बाद इन चीजों से कराएं स्नान

Janmashtami 2026 LIVE: भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद घर में लड्डू गोपाल का अभिषेक किया जा सकता है। सबसे पहले पूजा की जगह साफ करके चौकी पर भगवान कृष्ण की प्रतिमा को विराजमान करें। इसके बाद शंख या पात्र में थोड़ा साफ जल लेकर भगवान को स्नान कराएं। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत** तैयार करें। पंचामृत से भगवान का अभिषेक करें और फिर साफ जल से दोबारा स्नान कराएं। चाहें तो अंत में गंगाजल का भी छिड़काव कर सकते हैं। अभिषेक के बाद भगवान को साफ कपड़े से पोंछकर नए वस्त्र पहनाएं। मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और फूलों की माला से श्रृंगार करें। इसके बाद भगवान को माखन-मिश्री, मिठाई, फल और धनिया पंजीरी का भोग लगाएं। भोग में तुलसी दल रखना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। आखिर में घी का दीपक जलाकर भगवान श्रीकृष्ण की आरती करें और परिवार की सुख-शांति की कामना करें। घर की परंपरा के अनुसार पूजा की विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है।

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Janmashtami 2026 LIVE: कान्हा के जन्म में सिर्फ 8 मिनट बाकी, मथुरा में बढ़ी हलचल; प्राकट्य की तैयारियां अंतिम दौर में

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की घड़ी अब बेहद करीब आ गई है। रात 11:52 बजे सहस्रार्चन का अनुष्ठान जारी है और मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु आधी रात होने वाले प्राकट्य दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जन्मोत्सव के सबसे खास पल में अब महज 8 मिनट बाकी हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 11:59 बजे प्राकट्य दर्शन से पहले पट बंद किए जाएंगे। इसके बाद रात 12 बजे श्रीकृष्ण का प्राकट्य दर्शन और आरती होगी। जन्म के बाद भगवान का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

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Janmashtami 2026 LIVE: कान्हा के जन्म में अब सिर्फ 12 मिनट बाकी, मथुरा में चरम पर पहुंचा उत्साह; सहस्रार्चन जारी

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में श्रीकृष्ण के प्राकट्य की घड़ी अब बेहद करीब आ गई है। रात 11:48 बजे मंदिर में सहस्रार्चन का अनुष्ठान जारी है। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु आधी रात को होने वाले कान्हा के प्राकट्य दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। अब जन्मोत्सव के सबसे खास पल में महज 12 मिनट बाकी हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 11:59 बजे प्राकट्य दर्शन से पहले पट बंद किए जाएंगे और रात 12 बजे श्रीकृष्ण का प्राकट्य दर्शन व आरती होगी। इसके बाद भगवान का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। इस बीच मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और जयकारों के साथ जन्मोत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। ज्योतिषीय मान्यता में भी जन्माष्टमी की मध्यरात्रि पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त इस शुभ समय में भगवान कृष्ण का अभिषेक, पूजन और आरती कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

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Janmashtami 2026 LIVE: कान्हा के जन्म में अब सिर्फ 15 मिनट बाकी, मथुरा में बढ़ा उत्साह; 11:59 पर बंद होंगे पट

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में कान्हा के प्राकट्य की घड़ी अब बेहद करीब आ गई है। रात 11:45 बजे मंदिर में सहस्रार्चन का अनुष्ठान जारी है और श्रद्धालु बेसब्री से आधी रात का इंतजार कर रहे हैं। अब जन्मोत्सव के सबसे खास पल में सिर्फ 15 मिनट का समय बाकी है। तय कार्यक्रम के अनुसार रात 11:59 बजे गर्भगृह के पट बंद होंगे। इसके ठीक बाद रात 12 बजे श्रीकृष्ण का प्राकट्य दर्शन और आरती होगी। भगवान के प्राकट्य के बाद विशेष महाभिषेक किया जाएगा। मंदिर परिसर में भक्ति, मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच भक्त कान्हा के जन्म की घड़ी का इंतजार कर रहे हैं।

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Janmashtami 2026 LIVE: बांकेबिहारी को चढ़ेगा 31 किलो का खास पाग केक, 20 कारीगरों ने 12 घंटे में किया तैयार

Janmashtami 2026 LIVE: वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। जन्माष्टमी की रात होने वाली मंगला आरती के दौरान ठाकुर बांकेबिहारी को इस बार 31 किलो का विशेष पाग केक अर्पित किया जाएगा। भगवान के लिए तैयार किए गए इस खास केक को देखने के लिए भी श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है।

इस विशेष केक को आगरा में करीब 20 कारीगरों की टीम ने तैयार किया है। इसे तैयार करने में लगभग 12 घंटे का समय लगा। केक को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अनुरूप खास तरीके से तैयार किया गया है। जन्माष्टमी पर बांकेबिहारी मंदिर में होने वाली मंगला आरती साल में एक बार ही होती है, इसलिए इसका भक्तों के बीच विशेष महत्व रहता है।

आधी रात श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद मंदिरों में जन्मोत्सव की खुशी देखने को मिलती है। वृंदावन में भी जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्ति का माहौल बना हुआ है। मंगला आरती के दौरान ठाकुर बांकेबिहारी को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा और इसी क्रम में यह खास पाग केक भी चढ़ाया जाएगा।

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Janmashtami 2026 LIVE: घर पर ऐसे करें कान्हा का अभिषेक, दूध-पंचामृत से स्नान कराएं; जानें सही विधि

Janmashtami 2026 LIVE: जन्माष्टमी पर आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद घरों में भी लड्डू गोपाल का अभिषेक किया जाता है। इसके लिए सबसे पहले भगवान कृष्ण की प्रतिमा को साफ चौकी पर विराजमान करें। फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद **दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत** से अभिषेक करें। आखिर में गंगाजल या साफ जल से स्नान कराकर भगवान को साफ कपड़े से पोंछें। अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को नए वस्त्र पहनाएं। मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और माला से उनका श्रृंगार करें। इसके बाद भगवान को **माखन-मिश्री, फल, मिठाई और धनिया पंजीरी का भोग लगाएं। भोग में तुलसी दल जरूर रखें। पूजा के दौरान ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें और आखिर में घी का दीपक जलाकर आरती करें। मान्यता है कि जन्माष्टमी की आधी रात भगवान कृष्ण का अभिषेक और पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। हालांकि पूजा की विधि परिवार और परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

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Janmashtami 2026 LIVE: 12 बजे जन्मेंगे कान्हा, ग्रह-नक्षत्रों के खास संयोग पर टिकी नजर

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि में कान्हा के प्राकट्य की घड़ी अब बेहद करीब है। रात 11:35 बजे सहस्रार्चन का अनुष्ठान जारी है और श्रद्धालु आधी रात होने का इंतजार कर रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 11:59 बजे गर्भगृह के पट बंद होंगे और रात 12 बजे श्रीकृष्ण का प्राकट्य दर्शन कराया जाएगा। इसके बाद भगवान का महाभिषेक होगा।

ज्योतिष के लिहाज से भी इस बार जन्माष्टमी खास मानी जा रही है। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संबंध भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जोड़ा जाता है। इसी वजह से आधी रात की पूजा और जन्मोत्सव को विशेष महत्व दिया जा रहा है। मान्यता है कि इस समय भगवान कृष्ण की पूजा करने से मनोकामना पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मिलता है।

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Janmashtami 2026 LIVE: जन्मभूमि में गूंज रहे मंत्र, अब कान्हा के प्राकट्य का इंतजार

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में इस समय जन्माष्टमी का सबसे खास दौर चल रहा है। मंदिर परिसर में रात 11 बजे से सहस्रार्चन किया जा रहा है। जैसे-जैसे आधी रात करीब आ रही है, श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। अब सभी को उस पल का इंतजार है, जब भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य होगा। तय कार्यक्रम के मुताबिक 11:59 बजे गर्भगृह के पट बंद किए जाएंगे और रात 12 बजे प्राकट्य दर्शन व आरती होगी। इसके बाद भगवान का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। जन्मभूमि परिसर में जयकारों और भक्ति के माहौल के बीच भक्त कान्हा के जन्म की घड़ी का इंतजार कर रहे हैं।

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Janmashtami 2026 LIVE: कान्हा के जन्म की घड़ी करीब, मथुरा जन्मभूमि में सहस्रार्चन जारी

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जन्माष्टमी का मुख्य अनुष्ठान चल रहा है। रात 11 बजे से सहस्रार्चन किया जा रहा है। अब भक्तों की नजरें आधी रात होने वाले श्रीकृष्ण के प्राकट्य पर टिकी हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 11:59 बजे गर्भगृह के पट बंद होंगे और रात 12 बजे प्राकट्य दर्शन व आरती होगी। इसके बाद भगवान का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालु कान्हा के जन्म के खास पल का इंतजार कर रहे हैं।

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जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का जन्माभिषेक कैसे करें? जानें पूजा की सही विधि और शुभ नियम

Janmashtami 2026 LIVE : जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय जन्माभिषेक करने की परंपरा है। भक्त आधी रात के शुभ समय में लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करते हैं और इसके बाद उनका श्रृंगार कर पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस तरह श्रद्धा से कान्हा की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।

जन्माभिषेक के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए?

जन्माभिषेक के लिए पहले से पूजा की सामग्री तैयार कर लें। इसमें लड्डू गोपाल की मूर्ति, साफ जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, मिश्री, पंचामृत, फूल, तुलसी दल, चंदन, रोली, अक्षत, नए वस्त्र, मोरपंख, मुकुट, माला, दीपक, धूप और भोग की सामग्री रख सकते हैं। माखन-मिश्री भगवान कृष्ण का प्रिय भोग माना जाता है, इसलिए इसे भी पूजा में शामिल किया जाता है।

जन्माष्टमी पर जन्माभिषेक कैसे करें?

1. पूजा स्थान की सफाई करें

सबसे पहले पूजा वाले स्थान को साफ करें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और लड्डू गोपाल को वहां विराजमान करें। पास में छोटा झूला भी सजा सकते हैं।

2. पूजा का संकल्प लें

शुभ समय से पहले दीपक जलाएं और भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें। इसके बाद परिवार की सुख-शांति और भगवान की कृपा की कामना करते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लें।

3. पंचामृत तैयार करें

दूध, दही, घी, शहद और मिश्री मिलाकर पंचामृत तैयार करें। इसके साथ साफ जल और गंगाजल भी पूजा के लिए रखें।

4. आधी रात को करें जन्माभिषेक

श्रीकृष्ण के जन्म के शुभ समय पर लड्डू गोपाल का सबसे पहले साफ जल से अभिषेक करें। इसके बाद पंचामृत से स्नान कराएं। फिर दोबारा साफ जल और गंगाजल से अभिषेक करें। अभिषेक के दौरान भगवान कृष्ण के मंत्र का जाप करते रहें।

5. कान्हा का श्रृंगार करें

अभिषेक पूरा होने के बाद लड्डू गोपाल को साफ कपड़े से पोंछकर नए वस्त्र पहनाएं। मुकुट, मोरपंख, माला और अन्य आभूषणों से श्रृंगार करें। माथे पर चंदन लगाएं और फूल व तुलसी दल अर्पित करें।

6. झूले में विराजमान कराएं

श्रृंगार के बाद बाल गोपाल को फूलों से सजाए गए झूले में विराजमान कराएं। इसके बाद भगवान को धीरे-धीरे झूला झुलाएं। इस दौरान कृष्ण जन्म के भजन और मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

7. भोग लगाएं

भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, फल, मिठाई और मेवे का भोग लगाया जा सकता है। भोग में तुलसी दल रखना भी शुभ माना जाता है।

8. करें कृष्ण जन्म की आरती

जन्माभिषेक और भोग के बाद भगवान श्रीकृष्ण की आरती करें। इस समय शंख और घंटी बजाकर जन्मोत्सव मनाया जाता है। आरती के बाद परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद दें।

जन्माभिषेक में इन बातों का रखें ध्यान

जन्माभिषेक करते समय लड्डू गोपाल की मूर्ति को संभालकर स्नान कराएं। बहुत गर्म या बहुत ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें। पूजा में साफ सामग्री का इस्तेमाल करें और तुलसी दल अर्पित करते समय श्रद्धा का ध्यान रखें। पूजा की विधि परिवार और अलग-अलग परंपराओं के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए अपने घर की परंपरा का भी ध्यान रखें।

जन्माभिषेक का शुभ समय

जन्माष्टमी पर कृष्ण जन्म की पूजा आमतौर पर आधी रात के निशिता काल में की जाती है।

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Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा जन्मभूमि में सहस्रार्चन शुरू, अब 12 बजे होगा श्रीकृष्ण का प्राकट्य

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जन्माष्टमी का मुख्य अनुष्ठान शुरू हो चुका है। रात 11 बजे से सहस्रार्चन किया जा रहा है। इसके बाद रात 11:59 बजे गर्भगृह के पट बंद होंगे। ठीक 12 बजे श्रीकृष्ण का प्राकट्य दर्शन और आरती होगी। इसके बाद भगवान का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। जन्मभूमि परिसर में मौजूद श्रद्धालु अब कान्हा के प्राकट्य के उस खास पल का इंतजार कर रहे हैं।

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Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा जन्मभूमि में शुरू हुआ सहस्रार्चन, अब 12 बजे होगा कान्हा का प्राकट्य

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि में जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन शुरू हो गया है। रात 11 बजे से सहस्रार्चन का अनुष्ठान किया जा रहा है। इसके बाद रात 11:59 बजे गर्भगृह के पट बंद होंगे। भक्तों को अब उस खास पल का इंतजार है, जब रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य होगा। प्राकट्य के बाद 12:10 बजे से भगवान का विशेष महाभिषेक शुरू किया जाएगा। जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ कान्हा के जन्म का इंतजार कर रहे हैं।

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Janmashtami 2026 LIVE: कृष्ण जन्म के बाद कब खुलेगा जन्माष्टमी का व्रत? जानें पारण का नियम

Janmashtami 2026 LIVE: जन्माष्टमी पर व्रत रखने वाले भक्तों के लिए अब सबसे अहम समय करीब है। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पूजा और आरती की जाएगी। व्रत रखने वाले श्रद्धालु आमतौर पर कान्हा के जन्मोत्सव और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं, जबकि व्रत पारण का समय परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए व्रत खोलने से पहले अपने शहर के पंचांग में दिए गए पारण समय को जरूर देख लें। जन्म के बाद भक्त भगवान को माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करेंगे।

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