jagannath rathyatra Kashi: 30 जून से 14 जुलाई तक भगवान जगन्नाथ को लगेगा काढ़े का भोग, अज्ञातवास में जाएंगे

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jagannath temple, Kashi:30 जून से भगवान अज्ञातवास में जाएंगे। उन्हें काढ़े का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद सही होंगे तब रथ यात्रा शुरू होगी।

Jagannath Rath Yatra

काशी में रथयात्रा मेले से एक पखवारे पहले 29 जून को भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन सुभद्रा और उनके भाई बलभद्र भगवान श्रीगणेश स्वरूप में दर्शन देंगे। ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि पर स्नान यात्रा के बाद वे बीमार होकर अज्ञातवास में चले जाएंगे। इसी क्रम में 30 जून से 14 जुलाई तक उन्हें काढ़े का भोग लगाया जाएगा। भक्तों में इसे प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा।

29 जून को भोर में सवा पांच से रात नौ बजे तक स्नान यात्रा

अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर भगवान की स्नान यात्रा होती है। सालभर में यही एकमात्र दिन होता है जब तीनों विग्रह भगवान श्रीगणेश स्वरूप में दर्शन देते हैं। भगवान जगन्नाथ श्याम गणेश, बहन सुभद्रा पीत गणेश और भाई बलभद्र श्वेत गणेश स्वरूप में होते हैं। इस वर्ष 29 जून को भोर में सवा पांच से रात नौ बजे तक स्नान यात्रा होगी। बीमार पड़ने के बाद भगवान भाई-बहन के साथ अज्ञातवास में चले जाएंगे। मंदिर का पट बंद होने तक भक्त तीनों विग्रहों का जलाभिषेक करेंगे। परंपरागत रूप से इसे शापुरी परिवार और ट्रस्ट के सदस्य शुरू करते हैं। इस बार ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य आलोक शापुरी के निधन से शापुरी परिवार के सदस्यों के शामिल होने पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है।

30 जून से 14 जुलाई तक भगवान को काढ़े का भोग

आयोजकों ने बताया कि 30 जून से 14 जुलाई तक भगवान को काढ़े का भोग लगाया जाएगा। एक पखवारे तक मंदिर का पट बंद होने से भक्त तीनों विग्रहों का दर्शन-पूजन नहीं कर पाएंगे। इस दौरान प्रतिदिन भोग लगाए गए काढ़े का प्रसाद स्वरूप वितरण किया जाएगा। भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा 14 जुलाई को भक्तों को दर्शन देंगी।

प्रभु की डोली यात्रा 15 जुलाई को निकलेगी

भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा 15 जुलाई को निकाली जाएगी। अस्सी स्थित मंदिर से खोजवां होते हुए यह रथयात्रा पहुंचेगी। रथयात्रा मेला 16 से 18 जुलाई तक चलेगा। तत्पश्चात, 19 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त में तीनों विग्रह मंदिर में लाए जाएंगे। बता दें कि सन् 1790 में स्थापित मंदिर की समस्त व्यवस्था, संरक्षण और संचालन ट्रस्ट श्रीजगन्नाथजी करता है। मंदिर में स्नान यात्रा और रथयात्रा मेले की शुरुआत सन् 1802 में हुई थी।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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