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बुद्ध जयंती : भगवान बुद्ध ने बताए यह आर्यसत्य 

बुद्ध जयंती : भगवान बुद्ध ने बताए यह आर्यसत्य 

वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन ही भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण भी मनाया जाता है। भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण ये तीनों एक ही दिन अर्थात वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुए थे। ऐसा किसी अन्य महापुरुष के साथ नहीं हुआ है। 

हिंदू धर्मावलंबियों के अनुसार भगवान बुद्ध, भगवान विष्णु के नौवें अवतार हैं। भगवान बुद्ध ने चार आर्यसत्य बताए, जिन्हें सभी मनुष्यों को मानना चाहिए। दुख है। दुख का कारण है। दुख का निवारण है। दुख निवारण का उपाय है। भगवान बुद्ध के अनुसार पवित्र जीवन जीने के लिए मनुष्य को दोनों प्रकार की अति से बचना चाहिए। न तो उग्र तप करना चाहिए और न ही सांसारिक सुखों में लगे रहना चाहिए। उन्होंने मध्यम मार्ग के महत्व पर बल दिया। 

एक बार भगवान बुद्ध घर से बाहर निकले तो उन्होंने अत्यंत बीमार व्यक्ति को देखा, जब थोड़ा आगे गए तो एक वृद्ध को देखा तथा अंत में एक मृत व्यक्ति को देखा। इन दृश्यों को देखकर उनका मन विचलित हो उठा और उन्होंने संन्यास ग्रहण करने की ठान ली। 29 वर्ष की आयु में उन्होंने घर छोड़ दिया और संन्यास ग्रहण कर लिया। 

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  • Web Title:lord buddha told this arya satya