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सक्सेस मंत्र: मनुष्य स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है

एक बार एक अध्यापक कक्षा में सभी छात्रों को समझा रहे थे कि इंसान का भाग्य स्वयं इंसान के हाथ में होता है आप जैसे विचार रखोगे या जैसे कर्म करोगे आप वैसे ही बन जाओगे। उदाहरण के लिए अध्यापक ने तीन कटोरे...



20 अप्रैल, 2018