Indira Ekadashi Katha: इंदिरा एकादशी पर जरूर करें इस कथा का पाठ, पढें इंदिरा एकादशी कथा

Shrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

  • Indira Ekadashi Katha: आज है इंदिरा एकादशी। इंदिरा एकादशी का व्रत बिना कथा का पाठ के अधूरा माना जाता है। व्रत रखा हो या न रखा हो, इंदिरा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करना या सुनना पुण्यदायक माना जाता है।

Indira Ekadashi Katha: इंदिरा एकादशी पर जरूर करें इस कथा का पाठ, पढें इंदिरा एकादशी कथा

Indira Ekadashi Katha: आज शनिवार के दिन विष्णु भक्त इंदिरा एकादशी का व्रत रखेंगे। हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इंदिरा एकादशी का व्रत कथा का पाठ किए बिना अधूरा माना जाता है। व्रत रखा हो या न रखा हो, इंदिरा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करना या सुनना फलदायी माना जाता है। पढें इंदिरा एकादशी व्रत की कथा-

इंदिरा एकादशी की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, सतयुग में महिष्मति नाम का एक नगर था। जिसका राजा इंद्रसेन था। इंद्रसेन एक बहुत ही प्रतापी राजा था। राजा अपनी प्रजा का पालन-पोषण अपनी संतान के समान करते था। राजा के राज में किसी को भी किसी चीज की कमी नहीं थी। राजा भगवान विष्णु का परम उपासक था। एक दिन अचानक नारद मुनि का राजा इंद्रसेन की सभा में आगमन हुआ। नारद मुनि राजा के पिता का संदेश लेकर पहुंचे थे। राजा के पिता ने कहा था कि पूर्व जन्म में किसी भूल के कारण वह यमलोक में ही हैं। यमलोक से मु्क्ति से के लिए उनके पुत्र को इंदिरा एकादशी का व्रत करना होगा, ताकि उन्हें मोक्ष मिल सके।

पिता का संदेश सुनकर राजा इंद्रसेन ने नारद जी से इंदिरा एकादशी व्रत के बारे में बताने को कहा। तब नारद जी ने कहा कि यह एकादशी आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। एकादशी तिथि से पूर्व दशमी को विधि-विधान से पितरों का श्राद्ध करने के बाद एकादशी को व्रत का संकल्प करें। नारद जी ने आगे बताया कि द्वादशी के दिन स्नान आदि के बाद भगवान की पूजा करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं। इसके बाद व्रत खोलें। नारद जी ने कहा कि इस तरह से व्रत रखने से तुम्हारे पिता को मोक्ष की प्राप्ति होगी और उन्हें श्रीहरि के चरणों में जगह मिलेगी। राजा इंद्रसेन ने नारद जी के बताए अनुसार इंदिरा एकादशी का व्रत किया। जिसके पुण्य से उनके पिता को मोक्ष की प्राप्ति हुई और वे बैकुंठ चले गए। इंदिरा एकादशी के पुण्य प्रभाव से राजा इंद्रसेन को भी मृत्यु के बाद बैकुंठ की प्राप्ति हुई।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

Shrishti Chaubey

संक्षिप्त विवरण
सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव
सृष्टि पिछले ढाई साल से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। ज्योतिष से जुड़े किसी भी टॉपिक को पाठकों तक आसान, प्रामाणिक और आकर्षक भाषा में पहुंचाना, सृष्टि बखूबी जानती हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए सृष्टि ने रीडर बिहेवियर,बदलते कंटेंट फॉर्मेट पर अच्छी पकड़ हासिल की है। पाठकों की रुचियों व जरूरतों को समझते हुए वे फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी पहुंचाने की कोशिश करती हैं।
अपने करियर की शुरुआत इन्होंने हिन्दी दैनिक समाचार पत्र से की। इसके बाद इन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। सृष्टि वेब स्टोरी, यूट्यूब शॉर्ट्स व इंस्टाग्राम रील्स जैसे विभिन्न डिजिटल स्टोरीटेलिंग फॉर्मेट का अनुभव रखती हैं। मनोरंजन, खेल व सेहत पर अच्छी पकड़ के साथ अब सृष्टि ज्योतिष और धार्मिक विषयों को कवर कर अपनी पहचान बना रही हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान बतौर संपादक इन्होंने कैम्पस समाचार पत्र प्रकाशित किया, लाइव रिपोर्टिंग की। डाटा स्टोरी और फैक्ट चेकिंग की भी अच्छी समझ रखती हैं। सामाजिक मुद्दे पर डॉक्यूमेंट्री भी बना चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और दृष्टिकोण
सृष्टि का मानना है कि एस्ट्रोलॉजी का उद्देश्य फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है। इनका फोकस रहता है कि ज्योतिषीय जानकारी को आसान भाषा में रचनात्मक तरीके से पेश करें।

व्यक्तिगत रुचियां
सृष्टि को ट्रैवल करना, किताबें पढ़ना, म्यूजिक सुनना, लिखना और नई चीजें सीखने का शौक है। इनका मानना है कि पर्सनल ग्रोथ के लिए खुद को अपडेट रखना चाहिए।

विशेषज्ञता
राशिफल
साप्ताहिक राशिफल
ग्रह गोचर
नक्षत्र परिवर्तन
अंकज्योतिष
व्रत-त्योहार, पूजा-विधि
रत्न विज्ञान
ज्योतिषीय उपाय
वास्तु शास्त्र
हस्तरेखा

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!