राहु का यह रत्न पहनते हैं तो इसके साथ शनि और गुरु के रत्न का कॉम्बिनेशन ना पहनें, किन्हें नहीं पहनना चाहिए गोमेद

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Rahu gemstone: शनि और गुरु के रत्न का कॉम्बिनेशन राहु के रत्न के साथ नहीं पहनना चाहिए। इसके अलावा किनलोगों को भी राहु  का रत्न नहीं पहनना चाहिए।

Gomed gemstone wearing rule, गोमेद के साथ और क्या ना पहनें
गोमेद के साथ और क्या ना पहनें

राहु से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए राहु का रत्न है गोमेद। इसके साथ दूसरे रत्नों को नहीं पहनना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि हम किसी ज्योतिष के पास गए और उसने हमें एक रत्न बता दिया। इसके बाद हम किसी और ज्योतिष के पास गए और उसने हमें एक रत्न बता दिया। अब बिना यह जानें कि हमने पहले कौन सा रत्न पहना हुआ है, हमने दोनों रत्न पहन लिए, लेकिन रत्नशास्त्र में कुछ ऐसे रत्नों के कॉम्बिनेशन को अच्छा नहीं माना है। कहा जाता है कि अगर हम ऐसे रत्न पहन लेते हैं तो हमें लाभ होने की जगह नुकसान ही होता है। आइए जानते हैं कि राहु के इस रत्न के साथ कौन सा ऐसा रत्न है, जिसे हमें नहीं पहनना चाहिए। आइए जानें कि राहु के रत्न गोमेद के साथ और किन रत्नों को नहीं पहनना चाहिए।

किन रत्नों के साथ गोमेद नहीं पहनना चाहिए?

अगर आपने पुखराज की रिंग पहन रखी है तो उसी हाथ में पुखराज के साथ हीरा, पन्ना, नीलम और गोमेद नहीं पहनान चाहिए। दरअसल पुखराज गुरु का रत्म है, इसके साथ शनि, राहु का रत्न ना ही पहनना चाहिए। इसके अलावा अगर आपने गोमेद की रिंग धारण की हुई है तो आपको माणिक्य, मूंगा, मोती, पुखराज नहीं पहनना चाहिए। इनको एक साथ पहनना वर्जित है।

किन लोगों को नहीं पहनना चाहिए गोमेद

रत्न शास्त्र के अनुसार कहा जाता है कि राहु आकी कुंडली में छठे, आठवें या बारहवें भाव में अच्छा नहीं माना जाता है। यहां होने से आपको लाइफ में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में किसी रत्न ज्योतिषी से बात करके आपको गोमेद रत्न को धारण नहीं करना चाहिए। इससे आप लाइफ में कई प्रकार की परेशानियों से बच जाते हैं। कहाजाता है कि ऐसे लोगों को भी गोमेद नहीं पहनना चाहिए जिनकी कुंडली में राहु ग्रह नीच या फिर अशुभ स्थिति में हो।

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु के साथ चंद्रमा और सूर्य बैठें हो तो भी कहा जाता है कि गोमेद रत्न नहीं पहनना चाहिए। इससे आपको लाभ की जगह नुकसान हो सकता है।गोमेद रत्न के बारे में अगर राशियों के अनुसार बात करें तो मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के लोगों को भूलकर भी गोमेद रत्न नहीं पहनना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


विजन

अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।


विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र

कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।


विशेषज्ञता

कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan
Hindi Newsधर्म न्यूज़राहु का यह रत्न पहनते हैं तो इसके साथ शनि और गुरु के रत्न का कॉम्बिनेशन ना पहनें