मानवता ही सबसे बड़ा धर्म, पढ़ें कमलम्मा और उसकी बेटी से जुड़ी यह रोचक कहानी

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Humanity is the greatest religion: मानवता कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे किताबों में पढ़कर समझा जा सकता है। यह हमारे व्यवहार और हमारी आत्मा की आवाज है। पढ़ें मानवता से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी।

मानवता ही सबसे बड़ा धर्म, पढ़ें कमलम्मा और उसकी बेटी से जुड़ी यह रोचक कहानी

Humanity is the greatest religion: नागपुरा गांव में कमलम्मा अपनी इकलौती बेटी कन्नम्मा के साथ रहती थी। एक बार उस गांव में अकाल पड़ा। उसने दुखी होकर अपनी बेटी से कहा, ‘बेटी मेरा दुर्भाग्य देखो, मैं तुम्हें खाना भी नहीं दे पा रही हूं।’ बेटी ने मां से कहा, ‘मां आप चिंता मत करो, मैं बाहर से खाना मांगकर लाती हूं।’ ऐसा कहकर कन्नम्मा भोजन की तलाश में घर से निकली। गांव के सभी घरों की यही हालत थी, इसलिए उसे किसी घर से कुछ नहीं मिला। दुखी होकर कन्नम्मा घर वापिस जाने लगी। तभी उसने एक औरत को पेड़ के नीचे रोटी पकाते हुए देखा।

कन्नम्मा ने उसके पास जाकर कहा, ‘मुझे खाने को रोटी दे दो। औरत ने एक रोटी कन्नम्मा को दे दी। कन्नम्मा ने औरत से कहा, ‘मेरी मां भी भूखी है। अगर एक और रोटी मुझे देंगी, तो आपकी बड़ी कृपा होगी।’ औरत ने उसे एक और रोटी दे दी। वह रोटी लेकर घर वापस लौट रही थी, तभी उसने एक भूखे कुत्ते को खाना ढूंढ़ते हुए देखा।

मां-बेटी भूखे ही सो गईं-

कन्नम्मा मन-ही-मन सोचने लगी, ‘यह कुत्ता मेरी तरह किसी से खाना नहीं मांग सकता। यह सोचकर कन्नम्मा ने एक रोटी उस कुत्ते को खिला दी। कुत्ता रोटी खाकर चला गया। घर लौटने पर कमलम्मा ने बेटी से पूछा कि क्या उसे कुछ खाने को मिला। कन्नम्मा ने सारा किस्सा सुनाया। यह सुनकर मां बहुत खश हुई। उसने ने बेटी से कहा, ‘तुमने उस भूखे कुत्ते को रोटी खिलाकर बहुत अच्छा किया। आओ हम दोनों मिलकर उस बची हुई रोटी को आधा-आधा खा लेते हैं।’

तभी एक लड़की उनके दरवाजे पर खाना मांगने के लिए आई। यह देखकर कमलम्मा ने अपने हिस्से की आधी रोटी उस गरीब भूखी लड़की को दे दी। यह देखकर कन्नम्मा ने अपनी मां से कहा कि इस लड़की की भूख आधी रोटी से कैसे मिटेगी। यह कहकर उसने भी अपनी आधी रोटी उस लड़की को दे दी। कमलम्मा और कन्नम्मा दोनों भूखे ही सो गईं।

कमलम्मा के सपने में देवी मां आईं और उससे कहा, ‘कमलम्मा तुम और तुम्हारी बेटी दोनों भूखे थे, इसके बावजूद तुम दोनों ने ही निस्वार्थ भाव से कुत्ते और लड़की को रोटी खिलाई। वास्तव में मैं तुम्हारी परीक्षा लेने के लिए ही कुत्ते और लड़की के रुप में आई थी। तुम दोनों ने जो मानवता दिखाई, उससे मैं तुम दोनों से बहुत प्रसन्न हूं। आज से तुम्हारे दुख भरे दिन समाप्त हुए।’ जब कमलम्मा की नींद खुली, तो उसने देखा कि उसकी झोंपड़ी में बहुत सारा खाना रखा था और बाहर बारिश हो रही थी। गांव का अकाल अब दूर हो गया था।

(साभार : ‘हिंदू पुराणों की नीति कथाएं’, तिरुमल तिरुपति देवस्थानम, तिरुपति )

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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