
हनुमान जी को कैसे प्रसन्न करें? जानिए प्रेमानंद महाराज का जवाब
हनुमान जी कलियुग के देवता (जागृत देवता) माने जाते हैं। इन्हें कई नामों से जाना जाता है। यही वजह है कि बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। ऐसे में मथुरा-वृंदावन के फेमस संत प्रेमानंद महाराज ने हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ सरल तरीके बताए हैं, चलिए जानते हैं।
मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उनके दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। यहां तक कई फेमस सेलिब्रिटी, नेता भी इनके दरबार में नतमस्तक होते हैं। लोग ना सिर्फ प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आते हैं, बल्कि लोग जीवन, धर्म से जुड़े सवाल भी पूछते हैं। सवाल-जवाब वाले प्रेमानंद महाराज के वीडियोज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी खूब वायरल होते हैं।
प्रेमानंद महाराज जी से सवाल
ऐसे ही एक महिला भक्त ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि मैं भगवान हनुमान को बहुत मानती हूं और उनमें श्रद्धा भी रखती हूं। लेकिन उन्हें प्रसन्न करने का सही तरीका समझ में नहीं आता है। उनके किस नाम का जाप करूं। चलिए प्रेमानंद महाराज का जवाब जानते हैं।
हनुमान जी को क्या पसंद है?
इस सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि रामचरित सुनबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया। वो आगे कहते हैं कि हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हमें यह समझना होगा कि उन्हें पसंद क्या है? जैसे हम किसी को प्रेम करते हैं, तो उसकी पसंद देखते हैं। हनुमान जी को सियाराम जी का चरित्र पसंद है।
महाराज जी ने कहा कि ऐसे में आप हनुमान जी को रामचरित मानस सुनाइए और सीता-राम, सीता-राम का नाम जप सुनाइए। वो कहते हैं कि यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकंजलम्, बाष्पवारीपरिपूर्णालोचनं मारुतिं नमत राक्षसान्तकम् ॥ इसका अर्थ बताते हुए महाराज जी कहते हैं कि हनुमान जी महाराज जहां सियाराम का कीर्तन होता है, आंसू बहाते हुए वहां विराजमान रहते हैं। ऐसे हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हमें चाहिए, रामचरित मानस सुनाएं और सीता-राम नाम का जप करें। इससे हनुमान जी बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं।





