कॉरपाेरेट ऑफिस बनवाते समय आमदनी बढ़ाने वाली वास्तु संबंधी सावधानियां
How to increase income Vastu tips: कॉरपोरेट ऑफिस बनवा रहे हैं और चाह रहे हैं कि आपकी इनकम बढ़े तो आपको कई चीजों के बारे में वास्तु के हिसाब से सोचना होगा।

How to increase income Vastu tips: कॉरपोरेट ऑफिस बनवा रहे हैं और चाह रहे हैं कि आपकी इनकम बढ़े तो आपको कई चीजों के बारे में वास्तु के हिसाब से सोचना होगा। आपका ऑफिस आपकी आमदनी के बारे में भी काफी कुछ निर्धारित करता है। वास्तु के हिसाब से आपको इसमें सभी वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए, इससे काफी हद तक आपके लिए लाभ के योग बनेंगे। यहां हम ऐसे ही वास्तु टिप्स के बारे में बात करेंगे। यहां हम बताएंगे कि आपका रिसेप्शन कहां होना चाहिए, आपका मुख्य द्वार कैसा होना चाहिए, डायरेक्टर का कमरा कैसा होना चाहिए और मीटिंग एरिया कैसा होना चाहिए और चैयरमेन का कमरा कहां होना चाहिए।
रिसेप्शन कहां बनना चाहिए?
आपके ऑफिस का रिसेप्शन उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए, क्योंकि पहला इंसान आकर यहीं से आपके ऑफिस की जानकारी लेता है, यहीं से एनर्जी का फ्लो होता है, इसलिए इस दिशा में रिसेप्शन बनवाना चाहिए।
मुख्य द्वार से घुसते ही साथ में शौचालय?
ऑफिस उत्तर मुखी शुभ है, लेकिन ऑफिस के मुख्य द्वार से घुसते ही साथ में शौचालय बनाना एकदम गलत होता है। आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इस जगह में शौचालय ना बनवाएं। दरवाजे के पास से शौचालय हटा कर बनवाना ही बेहतर होता है। मुख्य दरवाजा आपकी एनर्जी को लाने की जगह है।
नेगेटिव एनर्जी कैसे कम होगी?
अगर बना-बनाया ऑफिस है, तो शौचालय को वहां से एकदम हटा पाना संभव नहीं होगा। ऐसे में उसके बाहर एक कंसोल या कोई कैबिनेट लगाना ठीक रहेगा। इससे काफी हद तक नेगेटिव एनर्जी का फ्लो कम हो जाएगा ।
डायरेक्टर का केबिन कहां होना चाहिए?
डायरेक्टर का केबिन लगभग सेंटर में बनवाना भी शुभ फलदायी नहीं होता है। इसको भी ब्रह्मस्थान से थोड़ा हटा देना ही बेहतर रहेगा। इसलिए ध्यान रखें कि ना तो एंट्री प्वाइंट पर इसे बनवाएं और ना ही बिल्कुल पीछे। बीच का स्थान तो खाली छोड़ना ही अच्छा है। डायरेक्टर का केबिनेट भी आपको ऐसा बनवाना चाहिएकि आप उत्तर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठें।
कहां होना चाहिए मीटिंग एरिया
आपका मीटिंग एरिया पश्चिम, दक्षिण पश्चिम, उत्तर पश्चिम दिशा में होना चाहिए, वास्तु के अनुसार यहां मीटिंग करने से पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो रहता है। इससे आपको वास्तु लाभ मिलेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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