Palmistry: हथेली में होता है सरकारी नौकरी का संकेत? जानें पहचानने का आसान तरीका
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार कुछ पर्वत और निशान को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी नौकरी मिलेगी या नहीं। आइए जानते हैं कि हथेली में कहां-कहां और किस तरह से ये संकेत मिल सकते हैं?

सरकारी नौकरी पाने का सपना कई लोगों का होता है। इसके लिए सालों से तैयारी में भी जुटे रहते हैं और कॉम्पिटिटिव एग्जाम भी देते हैं। हस्तरेखा शास्त्र में कुछ ऐसी रेखाओं और पर्वत का जिक्र होता है जिन्हें सरकारी नौकरी और अच्छे उच्च पद से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि किसी व्यक्ति का भविष्य सिर्फ हाथ की रेखा देखकर ही तय नहीं किया जा सकता है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार कुछ संकेत होते हैं जिन्हें पारंपरिक मान्यता के रूप में माना जाता है। जानिए शास्त्र में किन संकेतों को सरकारी नौकरी के लिए शुभ माना जाता है?
सूर्य पर्वत देता है संकेत
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार सूर्य पर्वत अनामिका उंगली के नीचे वाले हिस्से को कहा जाता है। अगर ये हिस्सा उभरा हुआ होता है और यहां पर सूर्य रेखा एकदम साफ और सीधी नजर आए तो इसे शुभ माना जाता है। इस निशान को अच्छे संकेत के रूप में देखा जाता है। शास्त्र की मान्यता है कि ऐसे लोगों को मान-सम्मान मिलता है और करियर में अच्छी ग्रोथ भी मिलती है। वहीं ऐसा भी माना जाता है कि ये गवर्नमेंट से जुड़े क्षेत्रों में अच्छी सफलता दिलाता है।
गुरु पर्वत का संकेत ना करें नजरअंदाज
हथेली में गुरु पर्वत भी होता है जोकि इस बात के संकेत देता है कि व्यक्ति जिम्मेदारी संभालने में कैसा होगा और क्या उसमें लीडरशिप क्वालिटी है? तर्जनी उंगली के नीचे वाले हिस्से को गुरु पर्वत कहा जाता है। अगर यहां पर क्रॉस या फिर स्क्वायर जैसा निशान है तो माना जाता है कि ऐसे व्यक्ति में लीडरशिप क्वालिटी कूट-कूटकर भरी होती है। साथ ही ऐसा इंसान ऊंचे पद पर जाता है। ऐसे व्यक्ति का संबंध प्रशासनिक क्षेत्र या फिर लीडरशिप वाले रोल से ज्यादा होता है।
भाग्य रेखा भी है जरूरी
हथेली के बीच से ऊपर की ओर जाने वाली रेखा भाग्य रेखा कहलाती है और करियर के लिए ये भी अहम मानी जाती है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार अगर ये रेखा साफ और बिना टूटे या उलझे ही ऊपर की ओर जाती है तो इसे काफी शुभ मानते हैं। इसी रेखा से कोई दूसरी शाखा निकलकर अगर सूर्य पर्वत की ओर जाती है तो मान्यता है कि ऐसे में सरकारी नौकरी की संभावना मजबूत होती है।
जीवन रेखा से भी मिलेगा संकेत
हस्तरेखा शास्त्र में करियर के लिए जीवन रेखा भी खूब मायने रखती है। अगर हथेली में जीवन रेखा से निकलकर कोई रेखा गुरु पर्वत से मिलती है या फिर सूर्य पर्वत की ओर जाती है तो ये अच्छा संकेत है। मान्यता है कि ऐसे लोग मेहनत के दम पर सफलता जरूर पाते हैं। ऐसे में इन लोगों को मंजिल तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास जरूर करने चाहिए।
वहीं अगर इन रेखाओं में कुछ कट का निशान हुआ या फिर ये हल्की हुई तो इसका ये मतलब नहीं होता है कि सरकारी नौकरी का संकेत नहीं मिल रहा है। इसे इस तरह माना जा सकता है कि सफलता मिलेगी लेकिन हो सकता है कि इस दौरान कुछ बाधाएं आएं। सही मेहनत और सही फैसले सफलता जरूर दिलाते हैं।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


