शीतला अष्टमी पर कैसे करें पूजा? जानें सम्पूर्ण विधि व पूजा का मुहूर्त

Mar 10, 2026 04:21 pm ISTShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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How to do Pooja on Sheetala Ashtami 2026 Pooja Ki Vidhi : शीतला अष्टमी को बसौड़ा या बसियौरा के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत में बासी खाने का मैया को भोग लगाया जाता है। होली के बाद ये पर्व मनाया जाता है।

शीतला अष्टमी पर कैसे करें पूजा? जानें सम्पूर्ण विधि व पूजा का मुहूर्त

How to do Pooja on Sheetala Ashtami 2026 Pooja Vidhi, शीतला अष्टमी व्रत : हर साल चैत्र मास में शीतला अष्टमी का व्रत किया जाता है। इस साल की शीतला अष्टमी का व्रत बुधवार के दिन रखा जाएगा। शीतला अष्टमी को बसौड़ा या बसियौरा के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत में बासी खाने का मैया को भोग लगाया जाता है। होली के बाद ये पर्व मनाया जाता है। शीतला अष्टमी का पावन पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार, 11 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा करने से शरीर के रोग आदि दूर हो सकते हैं। इस दिन किसी भी तरह के बासी भोजन का सेवन नहीं किया जाएगा। इस दिन खाना बनाने के लिए घर में अग्नि नहीं जलाई जाती है। आइए जानते हैं शीतला अष्टमी पर पूजा करने की संपूर्ण विधि और मुहूर्त क्या रहेगा-

शीतला अष्टमी के दिन कैसे करें पूजा? जानें सम्पूर्ण विधि व पूजा का शुभ मुहूर्त

शीतला अष्टमी पूजा की विधि: सूर्योदय से पहले उठ जाएं। स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण कर लें और व्रत रखने का संकल्प करें। शीतला अष्टमी का व्रत रखने से एक दिन पहले ही भोग बना लें। शीतला माता सहित सभी देवी-देवताओं की विधिवत पूजा करें। अगर व्रत रखना है तो हाथ में पवित्र जल, फूल और अक्षत लेकर शीतला अष्टमी का व्रत रखने का संकल्प लें। शीतला अष्टमी की व्रत कथा का पाठ करें। फिर संध्या के समय घर के मंदिर में गोधूलि बेला में दीपक जलाएं। अंत में ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः का मंत्र-जाप करें। अंत में क्षमा प्रार्थना भी करें।

शीतला अष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा?

शीतला अष्टमी पर अष्टमी तिथि प्रारम्भ - मार्च 11, 2026 को 01:54 ए एम बजे

शीतला अष्टमी पर अष्टमी तिथि समाप्त - मार्च 12, 2026 को 04:19 ए एम बजे

शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त- 06:36 ए एम से 06:27 पी एम

अवधि - 11 घण्टे 51 मिनट्स

शीतला अष्टमी के दिन किन चीजों का भोग लगाएं?

शीतला अष्टमी के दिन मिठाई, मालपुआ, दाल-भात, और फल आदि का भोग लगाएं।

शीतला अष्टमी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

शीतला अष्टमी के दिन भूलकर भी मास-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन का सेवन करना अशुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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