Vastu Tips: कैसे एक्टिवेट करें अपने घर की दक्षिण की दिशा को, इसके बिना नहीं होती सेविंग
Vastu Tips in hindi:अपने घर की दक्षिण दिशा को कैसे एक्टिवेट करें। इसको लेकर आपको वास्तु के नियमों को जानना जरूरी है। यहां हम आपको इससे जुड़े वास्तु टिप्स बता रहे हैं।,

यदि दक्षिण दिशा खुली हुई हो, तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं? क्या वास्तु को लेकर आपके मन में भी ऐसा सवाल आया है। दरअसल वास्तु में दक्षिण दिशा का बहुत महत्व है। यह फायर की जगह है, वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा खुली रखना हानिकारक होता है। यह दिशा खुली नहीं होनी चाहिए। यहां हम आपको वास्तु केअनुसार बताएंगे कि इस दिशा को आप कैसे एक्टिवेट कर सकते हैं और इस दिशा को खुला छोड़ देते हैं तो आपकी लाइफ में क्या दिक्कतें आती हैं।घर की दक्षिण को खाली छोड़ने का नुकसान
● इसके खुले होने से परिवार के मुखिया के निर्णयों में बहुत अस्थिरता रहती है। वो सही से फैसले नहीं ले पाता है, अपने कईफैसलों के कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुखिया को ठोस एवं स्पष्ट निर्णय लेने में कठिनाई होती है।
● ऐसे भवन में रहने वाले लोगों को बार-बार बाधाओं का अनुभव होता रहता है। परिवार के लोगों के काम में अड़चने आती हैं और आप आगे नहीं बढ़ पाते हैं, जिसके कारण आपकी लाइफ में परेशानी खत्म नहीं होती। कैसे बदलेगा वक्त,ज्योतिष से पूछें
● ऐसे भवन में रहने वाले लोगों के खर्चों में वृद्धि बनी रहती है। इनकम से ज्यादा आपका खर्च बढ़ सकता है। आपके लिए चीजें खराब हो सकती हैं। खर्च बढ़ने से आप धन को कभी सेव नहीं कर पाएंगे। इससे आपकी सेविंग प्रभावित होती है, जो आपके लिए आर्थिक स्थिति अच्छी करने में बाधक है।
● जीवन में आसानी से धन नहीं जुड़ पाता। धन संचय में कठिनाई होती है। जो पैसा आता है वैसे ही खर्च हो जाता है।
कैसे एक्टिवेट करें अपने घर की दक्षिण की दिशा को
दक्षिण दिशा में आप अपने घर का बेडरुम बना सकते हैं, इससे आपके घर में शांति आती है?आपके घर का कुंकिंग एरिया इस दिशा में हो सकता है, क्योंकि ये फायर एलीमेंट है। इस दिशा में आप हल्की चीजों को ना रखें, आपको इस दिशा में हैवी चीजों को रखना चाहिए, जैसे अलमारी, कैबिनेट्स आदि। इससे आपको पॉजिटिव एनर्जी मिलेगी।
क्या ना करें?
इस दिशा को खाली ना छोड़े, इसलिए इस दिशा में बालकनी, गार्डन ना बनवाएं । इससे आपको दिक्कत होगी। यह फायर एलीमेंट है तो इस दिशा में पूल, पानी की टंकी आदि ना रखें। पानी से जड़ी कोई चीज इस दिशा में नहीं होनी चाहिए।इस दिशा में घर का मुख्य दरवाजा भी नहीं बनाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां


