Shani Rashifal: तीन दशकों बाद शनि जयंती पर राजयोग, मेष, मीन, कुंभ राशि को कैसे लाभ?
Shani Sadesati Rashi: शनि की जयंती कल है, कल का दिन इस साल कुछ ऐसा है जो पिछले तेरह सालों में नहीं आया है। इस दिन कई शुभ संयोगों के साथ राजयोग भी बन रहे हैं, जो आपको कई तरह से लाभ देते हैं। Shani

Shani Sadesati Rashi: शनि की जयंती कल है, कल का दिन इस साल कुछ ऐसा है जो पिछले तेरह सालों में नहीं आया है। इस दिन कई शुभ संयोगों के साथ राजयोग भी बन रहे हैं, जो आपको कई तरह से लाभ देते हैं। शनिवार, 16 मई को ज्येष्ठ मास की अमावस्या है। इस तिथि पर शनि देव की जयंती मनाई जाती है। इस बार अमावस्या और शनिवार का योग तो है ही साथ ही कई दुर्लभ राजोग बन रहे हैं, जो तीन दशकों बाद बन रहे हैं। दरअसल शनि एक राशि में तीस साल बाद आते हैं, तो इस साल शनि अमावस्या पर राजयोग से शनि साढ़ेसाती वाली राशियों की किस्मत चमकेगी। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5:11 बजे से प्रारंभ होकर 17 मई को रात 1:30 बजे समाप्त होगी।
कौन सा बन रहा है राजयोग
शनि अपनी ही राशि कुंभ में विराजमान होकर शश महापुरुष राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। ज्योतिष विज्ञान में इसे अत्यंत शक्तिशाली और स्थिरता प्रदान करने वाला राजयोग माना जाता है। इस दिन शनि पीड़ित अथवा शनि कृपा को प्राप्त करने वाले लोग स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करके वेदज्ञ ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में शनि शांति के अनुष्ठान करा सकते हैं। शनि देव न्याय के देवता है। शनि देव ही हमें हमारे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढय्या या महादशा चल रही है, वे लोग शनि जयंती पर शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाएं और काले तिल का दान करें। ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जप 108 बार करें। अगर घर के आसपास शनि मंदिर न हो, तो शिवलिंग की पूजा करें। शिवलिंग पर सरसों का तेल और काले तिल अर्पित करें। यह दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने और कुंडली के शनि दोषों को शांत करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
मेष राशि के लिए शनि जयंती के शुभ योग का क्या असर
मेष राशि वालों के अभी शनि साढ़ेसाती का पहला चरण है, इसलिए इस राशि के लोगों के लिए करियर में नई शुरुआत के मौके मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को गुड न्यूज मिलने के संकेत हैं। अगर आफकी बिजनेस है तो सावधानी से और पूरी मेहनत से आगे बढ़ते रहें। कुछ लोगों की शादी फिक्स हो सकती है। आपका तनाव भी कम होगा और आपके लिए लाभ के योग बनेंगे।
मीन राशि के लिए शनि जयंती के शुभ योग का क्या असर
मीन राशि के लोगों के लिए शनि का शश राजयोग अच्छे फल देगा। आपकने जो मेहनत की है और अनुशासन में रहे हैं, तो शनि आपके साथ इसका फल देंगे। इस राशि के लोगों को बिजनेस में लाभ मिल सकता है। आपके लिए माना जा रहा है कि आपको फैसले लेने में थोड़ी सावधानी बरतनी है। धन के मामलों में लाभ के संकेत हैं। काफी समय से जो आप परेशानियां झेल रहे हैं, वो इस समय कम होंगी और सकारात्मक आप रहेंगे।
कुंभ राशि के लिए शनि जयंती के शुभ योग का क्या असर
कुंभ राशि वालों के लिए शनि जयंती पर शश महापुरुष राजयोग बनेगा। कुंभ राशि वालों पर शनि देव की विशेष कृपा रहेगी, इस शनि जयंती पर। आपकी लाइफ में जो दिक्कतें थी, इस शनि जयंती शनि की अराधना से कम होंगी। करियर में सफलता मिलेगी, नौकरी में अच्छे यो हैं। स्टूडेंट्स के लिए भी यह समय अच्छा रहने वाला है। मेंटली आप इस समय अच्छा महसूस कर सकते हैं। शनि की इस राशि पर अभी साढ़ेसाती का आखिरी फेज है जो अगले साल तक खत्म हो जाएगा। ऐसे में आपके लिए चीजें काफी हद तक ही हो जाएंगी।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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