
16 दिसंबर को गुरु की राशि, नए साल 2026 में शनि की राशि में आएंगे सूर्य, जानें किस राशि को मिलेगा लाभ
16 दिसंबर को सूर्य देव गुरु की राशि धनु में जाएंगे, इसके बाद नएसाल में शनि की राशि में जाएंगे। धनु में जाने से इसे धनु संक्रांति और गुरु में जाने से इसे मकर संक्रांति कहते हैं। आपको बता दें कि ग्रहों में सूर्य राजा हैं और देवों में पंच देवों में गिने जाते हैं।
Surya gochar dhanu rashi: 16 दिसंबर को सूर्य देव गुरु की राशि धनु में जाएंगे, इसके बाद नएसाल में शनि की राशि में जाएंगे। धनु में जाने से इसे धनु संक्रांति और गुरु में जाने से इसे मकर संक्रांति कहते हैं। आपको बता दें कि ग्रहों में सूर्य राजा हैं और देवों में पंच देवों में गिने जाते हैं। ये ऐसा देव हैं, जो साक्षात दिखाई देते हैं। पौष मास में सूर्य धनु राशि में गोचर करेंगे। धनु राशि में जाने के बाद से खरमास लग जाएगा, जिससे मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। इसके बाद मकर संक्रांति यानी शनि की राशि मकर में सूर्य प्रवेश करेंगे, जिससे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। आइए जानें सूर्य के इन गोचर से किस राशि को मिलेगा लाभ
सूर्य की इस संक्रांति से किन राशियों को मिलेगा लाभ
इस माह में सूर्य धनु राशि का होता है। इस वर्ष 15,16 दिसंबर की सुबह 4:19 से 14 जनवरी 2026 की दोपहर 3:07 मिनट तक सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने तक तक खरमास रहेगा। इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। पिछले कुछ सालों में ये पर्व कभी-कभी 15 जनवरी को मनाया गया था। मेष राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर धन लाभ कराने वाला रहेगा। आर्थिक तौर पर आप आगे बढ़ेंगे। पिता से आपके रिश्ते बेहत होंगे। सिंह राशि वालों को बिजनेस में लाभ तो मिलेगा ही साथ ही आपको नौकरी में आपकी पॉजिशन अच्छी होगी। तुला राशि के लिए लवलाइफ में अच्छी खबर मिल सकती है, इस राशि के लोगों को ऑफिस में बेहतर स्थिति मिलेगी। ऑफिस में सभी आपको सपोर्ट करेंगे। धनु राशि को सूर्य लाभ के साथ भाग्य भी देगें। भाग्य के कारण आपके काम बनेंगे, समाज में आपकी अलग ही छवि होगी। धन लाभ के भी प्रबल योग बन रहे हैं।
लगेगा खरमास
खरमास शुरू हो जाने से विवाह संस्कारों पर एक माह के लिए रोक लग जाएगी। साथ ही अनेक शुभ संस्कार जैसे जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश भी नहीं किया जाएगा। खरमास में पूरे महीने व्रत का पालन करना चाहिए। पूरे माह भूमि पर ही सोना चाहिए। एक समय केवल सादा और सात्विक भोजन करना चाहिए। इस मास में व्रत रखते हुए भगवान विष्णु का श्रद्धापूर्वक पूजन करना चाहिए। श्रीविष्णु स्तोत्र का पाठ भी शुभ होता है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





