Holika Dahan 2026: बुरी शक्तियों से बचाव, आर्थिक लाभ के लिए होलिका दहन पर करें ये 6 उपाय

Mar 01, 2026 10:17 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Holika Dahan 2026 Upaay: मान्यता है कि होलिका की भस्म सिर्फ जली लकड़ी की राख नहीं होती, बल्कि उसमें सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक छिपा होता है। इस बार होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा।  इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से बुरी शक्तियां दूर होंगी और आर्थिक लाभ भी मिलता है।

Holika Dahan 2026: बुरी शक्तियों से बचाव, आर्थिक लाभ के लिए होलिका दहन पर करें ये 6 उपाय

हिंदू धर्म में होलिका दहन का खास महत्व होता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसकी अग्नि और राख से जुड़े लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। मान्यता है कि होलिका की भस्म सिर्फ जली लकड़ी की राख नहीं होती, बल्कि उसमें सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक छिपा होता है। इस बार होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से बुरी शक्तियां दूर होंगी और आर्थिक लाभ भी मिलता है। चलिए जानते हैं कि होलिका दहन पर कौन से उपाय करने चाहिए।

कारोबार में तरक्की के लिए उपाय

पहला उपाय
अगर आप अपने कारोबार में तरक्की चाहते हैं, तो होलिका दहन के दौरान एक साबुत नारियल, पान और सुपारी लें। इसे होलिका की अग्नि में अर्पित करें। इसके बाद होलिका की 7, 11 बार परिक्रमा करते हुए मन में सफलता की कामना करें। मान्यता है कि इससे व्यापार या कारोबार में खूब तरक्की होगी।

दूसरा उपाय
होलिका की राख को स्फटिक श्रीयंत्र और चांदी के सिक्के के साथ लाल रेशमी कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। मान्यता है कि इस उपाय से दरिद्रता दूर होता है और धन बढ़ोतरी होती है।

दुकान में रखें होलिका की भस्म
धार्मिक मान्यता के मुताबिक दुकान या ऑफिस में जहां धन या कैश रखा जाता है, वहां होलिका की भस्म रख दें। इससे व्यापार में ठहराव कम होता है और काम में निरंतरता आती है, ऐसा विश्वास किया जाता है। कई दुकानदार नए वित्तीय वर्ष से पहले दुकान की साफ-सफाई के साथ यह परंपरा निभाते हैं।

नजर दोष के लिए उपाय
अगर आप घर-परिवार को नजर दोष से बचना चाहते हैं, तो परिवार के हर सदस्य के पैर से सिर तक की लंबाई का कच्चा सूत नापकर होलिका की अग्नि में जला दें। इसके बाद परिवार के पुरुष होली की भस्म को मस्तक पर लगाएं और महिलाएं गले पर तिलक के रूप में लगाएं। इससे बीमारी और नजर दोष से बचाव होता है।

ग्रह दोष से बचाव के लिए उपाय
अगर ग्रह दोष है, तो होलिका पर कुछ खास उपाय कर सकते हैं। इसके लिए होली की रात उत्तर दिशा में सफेद कपड़े पर सात प्रकार के अनाज की ढ़ेरियां बनाकर नवग्रह यंत्र स्थापित करें। शुद्ध घी का दीपक जलाकर स्फटिक माला से नवग्रह स्तोत्र का जाप करें। फिर इस यंत्र को घर के मंदिर में स्थापित कर ले। इससे ग्रह दोष दूर हो जाते हैं।

गुलाल अर्पित करें
होलिका दहन के अगले दिन अपने इष्टदेव को गुलाल अर्पित करें। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का प्रभाव कम हो जाता है।

धन लाभ के लिए उपाय
अगर आप धन लाभ चाहते हैं, तो होलिका दहन की रात पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। फिर मसूर की दाल की ढे़री पर 7 कौड़ियां और एक छोटा शंख स्थापित करें। मूंगे की माला से ऊँ गं गणपतये नमः मंत्र का 5 माला जाप करें। जाप के पश्चात इन सामग्रियों को किसी निर्जन स्थान पर भूमि में दबा दें। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है।

कर्ज से मुक्ति के उपाय
यदि किसी को भय का अनुभव होता है या कर्ज के बोझ से छुटकारा पाना है, तो होलिका दहन की रात बजरंगबली को पान का बीड़ा अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से न सिर्फ मानसिक भय और चिंताएं दूर होती हैं, बल्कि कर्ज से मुक्ति भी मिलती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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