Holika Dahan 2026 Muhurat: होलिका दहन मुहूर्त और सुख-समृद्धि के लिए होलिका दहन में क्या अर्पित करें
holika dahan 2026 muhurat : होलिका दहन आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन किया जा रहा है। आज शाम से पूर्णिमा तिथि लगी हैऔर होलिका दहन रात को 12.40 मिनट के बाद होगा, क्योंकि इस समय भद्रा का मुख नहीं भद्रा की पुंछ होगी।

होलिका दहन आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन किया जा रहा है। आज शाम से पूर्णिमा तिथि लगी हैऔर होलिका दहन रात को 12.40 मिनट के बाद होगा, क्योंकि इस समय भद्रा का मुख नहीं भद्रा की पुंछ होगी। होलिका दहन 2 मार्च की देर रात किया जाएगा। 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण यह फैसला लिया गया है। 3 मार्च को जब आप उठेंगे, तो सुबह 6.30 मिनट से ही ग्रहण लग जाएगा। होलिका दहन के बाद लोग राख यानी होली की राख से बड़ों को तिलक कर उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। लोग अपने घरों में भी होलिका दहन करते हैं। सबसे पहले चौराहे पर रखी होलिका की पूजा करते हैं, फिर घर आकर अपने घर की होलिका में पूजा करते हैं। लोग पूरी श्रद्धा के साथ पारंपरिक तरीके से होली मनाते हैं। हम यहां बताएंगे कि होलिका दहन में किन वस्तुओं का उपयोग करना उचित रहेगा? -
होलिका दहन के समय क्या करें
हाेलिका दहन में लौंग डालने से जीवन में उलझन एवं अशांति कम होती है। हाेलिका दहन में उपले डालने से जीवन की नकारात्मकता दूर होती है। इसलिए सभी लोग घर से उपले लाकर जलाते हैं, इसे गुलरिया भी कहते हैं। आपको अगर विवाह में देरी हो रही हो तो आपको होलिका दहन में 7 हल्दी की गांठें डालने से विवाह में आ रही बाधाओं का निवारण होता है और विवाह जल्दी पक्का होता है। वहीं हरी इलायची डालने से निर्णय क्षमता बढ़ती है, व्यापार में लाभ होता है, इसलिए होलिका दहन के समय ये चीजें जरूर डालें। होलिका दहन के समय इसमें चंदन जरूर डालना चाहिए ऐसा कहा जाता है कि होलिका दहन में चंदन डालने से सुख-समृद्धि आती है। होलिका दहन में बताशे डालने से सुख-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, इसलिए होलिका दहन में बताशे जरूर चढ़ाएं। गुड़ डालने से कर्ज उतारने में आसानी होती है।
होलिका दहन क्यों किया जाता है
होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत में संस्कृति रचा बसा है। इस दिन परिवार के लोग और समाज के साथ मिलकर होलिका दहन का पर्व मनाते हैं और प्रह्नाद को बचाकर भगवान श्रीहरि ने संकेत दिया था कि हर बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। आपको बता दें कि होलिका दहन के समय पूजा मंत्र पढ़ने चाहिए, इसमें प्राह्नाद से और नरसिंह भगवान से जुड़े मंत्र हैं।
ओम होलिकायै नम:
ओम प्रह्लादाय नम:
ओम नृसिंहाय नम:
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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