Holika Dahan: कब होगी होलिका दहन पूजा, जानें किसे नहीं देखना चाहिए होलिका दहन
Holika Dahan 2026 Holika Dahan Pooja: हर साल पूर्णिमा तिथि में भद्रा रहित मुहूर्त में ही होलिका दहन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन की पूजा कुछ लोगों को बिल्कुल भी नहीं देखनी चाहिए।

Holika Dahan 2026 Holika Dahan Pooja: इस बार होलिका दहन की डेट को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि चंद्र ग्रहण व भद्रा की टाइमिंग के चलते असमंजस की स्थिति है। हर साल पूर्णिमा तिथि में भद्रा रहित मुहूर्त में ही होलिका दहन किया जाता है। ऐसे में आप भी यह जानना चाह रहे होंगे कि कब होलिका दहन की पूजा करना अच्छा रहेगा। वहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन की पूजा कुछ लोगों को बिल्कुल भी नहीं देखनी चाहिए। आइए जानते हैं क्यों-
कब होगी होलिका दहन पूजा?
गुरुकुल विद्या पीठ के महंत प्रमोद जी महाराज के अनुसार, वैदिक पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 2 मार्च की शाम को 5:18 बजे से शुरू होकर 3 मार्च को शाम में 4:33 बजे तक रहेगी। होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा। शुभ मुहूर्त रात्रि 11:53 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा। इस अवधि में विधि-विधान से पूजा एवं अग्नि प्रज्ज्वलन विशेष फलदायी माना गया है।
जानें किसे नहीं देखना चाहिए होलिका दहन
धार्मिक मान्यताओं व कथाओं के अनुसार, कुछ लोगों को होलिका दहन होते हुए नहीं देखना चाहिए-
नव वधू- हिंदू धर्म में नई नवेली दुल्हन के लिए ससुराल में होलिका दहन देखना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में होलिका दहन से पहले नव वधू अपने ससुराल से मायके आ जाती हैं। इस मान्यता का संबंध होलिका और प्रह्लाद की पौराणिक कथा से है। होलिका की शादी होने वाली थी लेकिन वह अपने भाई के कहने पर भक्त प्रह्लाद को लेकर आग्नि में बैठ गई और जल गयी। ऐसे में जब ससुराल वाले बरात लेकर पहुंचे तो सास अपनी बहु की चिता न देख सकी और प्राण त्याग दिए।
गर्भवती महिला- होलिका दहन गर्भवती महिला के लिए देखना भी अशुभ माना गया है। साइंस की मानें तो होलिका दहन की आग्नि का तेज व धुआं प्रेग्नेंट महिला व शिशु दोनों के लिए हानिकारक माना गया है।
सास-बहु- सास और बहु को एक साथ होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। यह शुभ नहीं माना गया है। इससे रिश्तों में दरार व कलह क्लेश बढ़ती है।
नवजात शिशु- होलिका दहन की रस्म जहां हो वहां से नवजात शिशु को सुर रखना चाहिए। कहते हैं कि होलिका दहन की नेगेटिव एनर्जी नवजात शिशु पर प्रभाव डाल सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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