Holika Dahan 2026: घी, गोबर के उपले... होलिका दहन की अग्नि में अर्पित करें ये शुभ चीजें, ना करें ये गलतियां

Feb 28, 2026 02:39 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Holika Dahan 2026: होलिका दहन का पर्व बेहद पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। इसकी अग्नि बहुत पवित्र मानी जाती है। लोग इसकी पूजा अर्चना करते हैं और साथ ही इसकी परिक्रमा करते हैं। इस पवित्र में कुछ पवित्र चीजें भी अर्पित की जाती है। साथ ही होलिका दहन के दौरान कुछ बातों का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

Holika Dahan 2026: घी, गोबर के उपले... होलिका दहन की अग्नि में अर्पित करें ये शुभ चीजें, ना करें ये गलतियां

होलिका दहन का खास महत्व होता है। यह पर्व हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। होली से एक दिन पहले ही होलिका दहन किया जाता है। लेकिन इस बार होलिका दहन 2 मार्च 2026 को होगऔर रंगों का पर्व होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। क्योंकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है। होलिका दहन की बात करें, तो इसे बेहद पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। होलिका दहन की अग्नि बहुत पवित्र मानी जाती है। लोग इसकी पूजा अर्चना करते हैं और साथ ही इसकी परिक्रमा करते हैं। इस पवित्र में कुछ पवित्र चीजें भी अर्पित की जाती है। साथ ही होलिका दहन के दौरान कुछ बातों का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। चलिए जानते हैं कि होलिकी की अग्नि में क्या अर्पित करें और कौन सी गलतियों से बचना चाहिए।

होलिका दहन में कौन सी चीजें करें अर्पित
घी
गाय के गोबर के उपले
पान के पत्ते
सूखा नारियल
लौंग
गेहूं की नई फसल की बालियां
चने की फली
जौ और अक्षत
गुलाल
बताशे काले तिल
पीली सरसों
कपूर
मौसमी फल
हल्दी की गांठ
गंगाजल की कुछ बूंदें
रोली
कच्चा सूत
नई फसल जैसे गेहूं की बालियां, चना या जौ

अग्नि में ना डालें ये चीजें
पानी वाला नारियल
सूखे या मुरझाए फूल
टूटे चावल या खराब फल
तुलसी का पत्ता
पीपल, बरगद, आम और शमी जैसे पवित्र वृक्षों की लकड़ी
कांच की वस्तुएं
टूटी-फूटी चीजें
पुरानी झाड़ू
गंदे कपड़े
चोरी का सामान

ना करें ये गलतियां
- होलिका दहन की रात सफेद रंग की चीजें जैसे दूध, दही, चावल या सफेद मिठाई का सेवन खुले में करने से बचना चाहिए। खासकर सूर्यास्त के बाद इनका सेवन शुभ नहीं माना जाता है।
- होलिका दहन के दिन न तो किसी को उधार दें और न ही किसी से कर्ज लें। इससे घर की लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और साल भर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
- होलिका दहन के दिन इस दिन भूलकर भी माता-पिता या घर के बुजुर्गों का अपमान न करें।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को होलिका दहन की पूजा के समय अपने बाल खुले नहीं रखने चाहिए। बालों को बांधकर ही पूजा करनी चाहिए।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवविवाहित लड़की को अपने ससुराल में होलिका दहन की अग्नि नहीं देखनी चाहिए। इसे अशुभ माना जाता है।

जरूर करें ये काम
- होलिका की अग्नि की कम से कम 3 या 7 बार परिक्रमा करें।
- अगले दिन सुबह होलिका की ठंडी राख को अपने माथे पर तिलक के रूप में लगाएं।
- माना जाता है कि यह शरीर को रोगों और बुरी नजर से बचाती है।

क्या करें दान
- होलिका दहन के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्रों का दान करना चाहिए।
- गेहूं, चना, जौ या चावल का दान करना चाहिए।
- इस दिन शुद्ध देशी घी का दान करना भी शुभ होता है।
- इस दिन गुड़ और चने का दान करना चाहिए।
- नारियल का दान करना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!