Holi Vastu Tips: होली से पहले घर बाहर कर दें ये 6 अशुभ चीजें, नहीं होगी सुख-समृद्धि की कमी

Feb 28, 2026 04:28 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Holi Vastu Tips: होली के पहले घर में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखना चाहिए। साफ-सफाई के दौरान कई ऐसी चीजें घर में निकलती हैं, जो अशुभ मानी जाती है। जिन्हें घर में रखने से नकारात्मकता बढ़ती है। ऐसे में इन्हें घर से बाहर निकाल देना सही मान जाता है।

Holi Vastu Tips: होली से पहले घर बाहर कर दें ये 6 अशुभ चीजें, नहीं होगी सुख-समृद्धि की कमी

होली रंगों का पर्व है। साथ ही यह पर्व खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं और गिले-शिकवे दूर कर गले लगाते हैं। मान्यता है कि होली पर वास्तु के कुछ खास नियमों का पालन किया जाए, तो खुशियों में चार चांद लग जाएगी। होली के पहले घर में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखना चाहिए। साफ-सफाई के दौरान कई ऐसी चीजें घर में निकलती हैं, जो अशुभ मानी जाती है। जिन्हें घर में रखने से नकारात्मकता बढ़ती है। ऐसे में इन्हें घर से बाहर निकाल देना सही मान जाता है। चलिए वास्तु के मुताबिक जानते हैं कि होली से पहले घर में कौन सी चीजें निकाल देनी चाहिए।

होली पर घर से निकाल दें सूखे पौधे
वास्तु के मुताबिक घर के अलग-अलग हिस्सों में अगर सही तरीके पौधे लगाएं, तो घर में सकारात्मक लगाना शुभ होता है। लेकिन कई बार ये सूख जाते हैं और हम इसपर ध्यान नहीं देते हैं। वास्तु की मानें, तो ये भी वास्तु दोष की वजह बनते हैं। ऐसे में होली पर साफ-सफाई के दौरान घर में अगर सूख पौधे हैं, तो उन्हें घर से बाहर कर दें।

टूटे-फूटे जूते-चप्पल
घर में टूटे जूते-चप्पल रखना भी बेहद अशुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर में इसे रखने से भाग्य कमजोर होता है। इसलिए इसे घर से बाहर ही रखें। इसलिए इन्हें अपने घर की दहलीज से हमेशा दूर रखें। ऐसे में इस होली अगर आप साफ-सफाई कर रहे हैं और इस दौरान टूटे-फूटे चप्पल-जूते मिले तो इन्हें घर से बाहर निकाल दें।

टूटा हुआ आईना
वास्तु के मुताबिक टूटा हुआ आईना घर में नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार, टूटा हुआ शीशा मानसिक अशांति पैदा करता है और सकारात्मक ऊर्जा के बहाव को रोकता है। रसोई में चटके हुए बर्तन रखने से घर की बरकत रुक जाती है, इसलिए इन्हें बदलना ही बेहतर है। साथ ही इससे प्रेम संबंधों में खटास पड़ जाती है। इसलिए इसे घर में रखने की भूल कभी न करें।

खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान
घरों में इलेक्ट्रॉनिक समानों का इस्तेमाल ज्यादा होने लगे हैं। ये खराब होते हैं। ऐसे में लोग इन्हें बाहर हटाना सही नहीं समझते हैं और घर के कहीं कोने में रख देते हैं। वास्तु शास्त्र में घर में पड़े खराब या खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक सामान को नकारात्मक ऊर्जा का कारण माना जाता है। होली से पहले की सफाई में इन खराब इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को घर से बाहर निकाल देना बेहद जरूरी माना जाता है। इससे घर का स्थान साफ होता है और पॉजिटिविटी बनी रहती है।

खंडित मूर्तियां
वास्तु के मुताबिक घर में खंडित व टूटी-फूटी मूर्तियां भी घर पर नहीं रखनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी मूर्तियों की पूजा करने से पूरा फल नहीं मिलता। होली आने से पहले इन मूर्तियों को सम्मान के साथ किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें या मिट्टी में दबा दें। मंदिर साफ रखने से मन को शांति मिलती है।

बंद घड़ी
घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन मान्यता है कि रुकी हुई घड़ी न सिर्फ वास्तु दोष पैदा करती है, बल्कि व्यक्ति के बुरे वक्त का कारण भी बन सकती है। अगर आपके घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो उसमें सेल डालें या उसे तुरंत घर से बाहर करें। चलता हुआ समय ही जीवन में गतिशीलता लाता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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