Holi 2026: होलिका दहन की एक चुटकी राख से दूर होगा नजर दोष, जानें सही तरीका

Mar 02, 2026 08:48 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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होलिका दहन की राख से नजर दोष उतारने के सरल लेकिन रामबाण उपाय किए जाते हैं, जिन्हें शास्त्रों में बहुत प्रभावी बताया गया है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से

Holi 2026: होलिका दहन की एक चुटकी राख से दूर होगा नजर दोष, जानें सही तरीका

होलिका दहन की रात ना केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि यह रात नकारात्मक ऊर्जा, नजर दोष और ऊपरी बाधाओं को जड़ से खत्म करने की सबसे शक्तिशाली रात भी मानी जाती है। होलिका की अग्नि में जो कुछ भी जलता है, वह भस्म होकर राख बन जाता है और यही राख ज्योतिष एवं लोक परंपरा में बहुत पवित्र और सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में होगा। इस राख से नजर दोष उतारने के सरल लेकिन रामबाण उपाय किए जाते हैं, जिन्हें शास्त्रों में बहुत प्रभावी बताया गया है। आइए जानते हैं होलिका दहन की राख से नजर दोष दूर करने के सबसे कारगर और आसान तरीके।

होलिका की राख का ज्योतिषीय महत्व

होलिका दहन की अग्नि में नकारात्मक ऊर्जा, नजर दोष और ग्रह बाधाएं जलकर भस्म हो जाती हैं। शेष बची राख में अग्नि तत्व के साथ-साथ विष्णु और हनुमान जी की कृपा होती है। ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में इस राख को नजर उतारने, घर की सुरक्षा और परिवार की रक्षा के लिए सबसे शक्तिशाली माना जाता है। राख से तिलक लगाने या छिड़काव करने से बच्चे और बड़े दोनों पर लगी नजर का प्रभाव तुरंत कम होता है। यह राख घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है और बुरी नजर से स्थायी बचाव करती है।

राख से तिलक लगाने की विधि

होलिका दहन के अगले दिन सुबह स्नान के बाद होलिका की ठंडी राख थोड़ी लाएं। राख में थोड़ा घी या गंगाजल मिलाकर बच्चे या परिवार के सदस्य के माथे, गले और छाती पर तिलक लगाएं। शास्त्रों में इस तिलक को सुरक्षा कवच बताया गया है। बच्चे अगर बिना वजह चिड़चिड़े रहते हैं, नींद न आ रही हो या बार-बार बीमार पड़ रहे हों, तो यह तिलक रामबाण साबित होता है। तिलक लगाने के बाद मन में प्रह्लाद की भक्ति का स्मरण करें और परिवार की रक्षा की कामना करें। यह उपाय नजर दोष के साथ-साथ ऊपरी बाधा से भी मुक्ति दिलाता है।

सात बार उतारने का सरल उपाय

अगर नजर दोष बहुत गहरा हो या घर में किसी सदस्य पर लगातार बुरा प्रभाव दिख रहा हो तो होलिका दहन की रात एक छोटे कपड़े में थोड़ी पीली सरसों, नमक और सूखी लाल मिर्च बांधकर पोटली बनाएं। इस पोटली को प्रभावित व्यक्ति के सिर से पैर तक 7 बार वार लें (एंटी-क्लॉकवाइज)। वारने के बाद पोटली को जलती हुई होलिका की अग्नि में डाल दें। जैसे-जैसे सामग्री जलेगी, नजर और नकारात्मकता भी उसी आग में जल जाएगी। यह उपाय बहुत प्रभावी है और बच्चों पर लगी नजर को तुरंत उतार देता है।

घर में राख का छिड़काव और स्वास्तिक

नजर सिर्फ व्यक्ति पर ही नहीं, घर पर भी लगती है। होलिका दहन की रात थोड़ी राख घर लाएं और अगले दिन सुबह उसे घर के चारों कोनों में छिड़कें। मुख्य द्वार पर राख से स्वास्तिक बनाएं। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और नजर दोष का प्रभाव कम होता है। कई लोग राख को गंगाजल में मिलाकर छिड़कते हैं। यह उपाय वास्तु दोष से भी राहत देता है और घर का वातावरण शुद्ध रहता है। मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

राख के साथ अन्य लाभकारी उपाय

होलिका की राख को कभी फेंकना नहीं चाहिए। अगर राख बच जाए तो उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। राख से तिलक लगाने के बाद परिवार के सभी सदस्य मिलकर होलिका की परिक्रमा करें। इससे परिवार में एकता बढ़ती है और कलह-क्लेश दूर होते हैं। कुछ लोग राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखते हैं, इससे धन की रक्षा होती है। बच्चों को रोजाना हल्का तिलक लगाने से नजर दोष की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है।

होलिका दहन की राख से नजर उतारने के ये उपाय बहुत सरल लेकिन शक्तिशाली हैं। 2 मार्च 2026 को विधि-विधान से होलिका दहन करें और अगले दिन राख से उपाय अपनाएं। इससे नजर दोष, ऊपरी बाधा और नकारात्मकता दूर होगी। परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहेगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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