Holashtak 2026: कब से लग रहे हैं होलाष्टक, जानें इन आठ दिनों की तिथि और क्या है होलाष्टक लगने का कारण

Feb 18, 2026 12:07 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Holashtak kab hai 2026 :होली से पहले 8 दिन आते हैं, जब शुभ कार्यों पर बैन लग जाता है। 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू होंगे और होलाष्टक के दौरान विवाह और अन्य संस्कार वर्जित माने जाते हैं। फाल्गुन में कई पर्व-त्योहार भी मनाए जाएंगे।

Holashtak 2026: कब से लग रहे हैं होलाष्टक, जानें इन आठ दिनों की तिथि और क्या है होलाष्टक लगने का कारण

होली से पहले 8 दिन आते हैं, जब शुभ कार्यों पर बैन लग जाता है। 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू होंगे और होलाष्टक के दौरान विवाह और अन्य संस्कार वर्जित माने जाते हैं। फाल्गुन में कई पर्व-त्योहार भी मनाए जाएंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के समय मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है। शास्त्रों में फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक होलाष्टक का समय कहा जाता है।

कब से शुरू होंगे होलाष्टक कौन से कार्य नहीं किए जाते

24 फरवरी को होलाष्टक शुरु हो जाएंगे। इस दिन कई ऐसे शुभ कार्य हैं, जिन्हें करने की मनाही होती है। इन दिनों में नेगेटिविटी बहुत अधिक होती है, ग्रहों का रूप उग्र होता है। इसलिए होलाष्टक के आठ दिनों को बहुत खास बताया गया है। इसमें 16 संस्कार वर्जित माने गए हैं, जिसमें नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, विवाह संस्कार आदि का नाम लिया जाता है। आपको बता दें कि होलाष्टक के प्रथम दिन ही महादेव ने कामदेव को भस्म कर दिया था।

होलाष्टक की तिथियां कौन-कौन सी है?

होलाष्टक 24 फरवरी को सुबह 07.03 बजे होलाष्टक शुरू होगा, इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए 27 फरवरी को आमलकी एकादशी और रंगभरी एकादशी, 28 फरवरी को नृसिंह द्वादशी, 1 मार्च को प्रदोष व्रत और 2 मार्च की देर रात भद्रा के खत्म होने के बाद होलिका दहन के बाद ही होलाष्टक खत्म होंगे।

जानें होलाष्टक में क्या वजह है कि शुभ काम नहीं होते

दरअसल होलाष्टक के आठ दिनों में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु सहित आठ ग्रह उग्र स्वभाव में रहते हैं। कहा जाता है कि हिरण्यकश्यप ने भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद को इन्हीं 8 दिन में कठोर यातनाएं दी थीं। अंत में बहन होलिका की गोद में अग्नि में जलाने की कोशिश की। लेकिन श्रीहरि की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे। प्रह्लाद को यातनाए देने के इन दिनों को शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं मानते हैं।

होलाष्टक से जुड़े सवाल और उनके जवाब

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इस साल होलाष्टक 24 फरवरी से होलिका दहन 2 मार्च तक लग रहे हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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