Holashtak 2026: होलाष्टक से पहले कर लें ये काम, वास्तु दोष होगा खत्म, बढ़ेगी सुख-समृद्धि

Feb 21, 2026 12:40 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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वास्तु शास्त्र के मुताबिक होलाष्टक से पहले कुछ ऐसे कार्य होते हैं, जिन्हें करने से घर में वास्तु दोष कम होता है। इसके अलावा घर में सुख और समृद्धि बढ़ती है। चलिए वास्तु के मुताबिक जानते हैं कि होलाष्टक से पहले क्या करना चाहिए?

Holashtak 2026: होलाष्टक से पहले कर लें ये काम, वास्तु दोष होगा खत्म, बढ़ेगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में ज्योतिष और वास्तु की दृष्टिकोण से होलाष्टक का खास महत्व होता है। इसे अशुभ समय के तौर पर जाना जाता है। होलाष्टक की शुरुआत होली से 8 दिन पहले होती है। इस 8 दिन की अवधि को ही होलाष्टक कहते हैं। मान्यता है कि इस दौरान नकारात्मक शक्तियां हावी होती है। इसलिए इस दौरान शुभ व मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। वहीं, वास्तु शास्त्र के मुताबिक होलाष्टक से पहले कुछ ऐसे कार्य होते हैं, जिन्हें करने से घर में वास्तु दोष कम होता है। इसके अलावा घर में सुख और समृद्धि बढ़ती है। चलिए वास्तु के मुताबिक जानते हैं कि होलाष्टक से पहले क्या करना चाहिए?

इस साल होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी 2026 से हो रही है और इसकी समाप्ति 3 मार्च को रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि का संबंध हिरण्यकश्यप और भक्त प्रह्लाद से जुड़ी पौराणिक कथा से है। माना जाता है कि होलाष्टक के दौरान ग्रहों की स्थिति थोड़ी अशुभ रहती है, इसलिए धैर्य और सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि, यह समय पूजा-पाठ, दान और भक्ति के लिए बहुत अच्छा माना गया है। वहीं, वास्तु की मानें, तो होलाष्टक शुरू होने से पहले कुछ जरूरी काम पहले पूरे न किए जाएं तो घर में नकारात्मकता और वास्तु दोष बढ़ सकते हैं।

घर से हटाएं टूटी-फूटी और बेकार चीजें
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पड़ी टूटी, खराब वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं। कई बार लोग पुरानी चीजें यह सोचकर संभालकर रख लेते हैं कि आगे काम आ सकती हैं, लेकिन इससे घर का वातावरण प्रभावित होता है। ऐसे में होलाष्टक से पहले घर की अच्छी तरीके से साफ-सफाई कर लें और टूटी-फूटी और बेकार चीजें घर से बाहर निकाल दें। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ेगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।

घर से जुड़े अधूरे काम पहले करें पूरे
घर का निर्माण कराते वक्त लोग वास्तु का खास ध्यान रखते हैं। ऐसे में अगर आप घर से जुड़े काम जैसे निर्माण, मरम्मत, पेंटिंग या रिनोवेशन करा रहे हैं, तो होलाष्टक से पहले सारे काम पूरे कर लें। क्योंकि आधे-अधूरे कार्य से घर में नकारात्मक शक्तियां हावी हो जाती हैं।

क्या करें
होलाष्टक का समय आत्म-चिंतन और भक्ति का समय है। वास्तु के इन नियमों का पालन करके आप अपने घर को नकारात्मकता से बचा सकते हैं। इन आठ दिनों में महामृत्युंजय मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्ंयत शुभ माना जाता है। मान्यता है इससे घर में नकारात्मक शक्तियां हावी नहीं होती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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