चैत्र माह में क्या करें और क्या नहीं? इन गलतियों से झेलने पड़ेंगे गलत परिणाम

Mar 08, 2026 03:32 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के अनुसार, चैत्र में कुछ कार्य शुभ फल देते हैं, जबकि कुछ गलतियां जीवन में बाधाएं, आर्थिक हानि या स्वास्थ्य समस्याएं ला सकती हैं। आइए जानते हैं कि चैत्र माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

चैत्र माह में क्या करें और क्या नहीं? इन गलतियों से झेलने पड़ेंगे गलत परिणाम

चैत्र मास हिंदू कैलेंडर का पहला महीना है, जिसमें नवरात्रि, रामनवमी, हनुमान जयंती और रंग पंचमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं। इस महीने में सूर्य की ऊर्जा और चंद्रमा की स्थिति विशेष प्रभाव डालती है। वेदों, पुराणों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चैत्र में कुछ कार्य शुभ फल देते हैं, जबकि कुछ गलतियां जीवन में बाधाएं, आर्थिक हानि या स्वास्थ्य समस्याएं ला सकती हैं। आइए जानते हैं चैत्र माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

चैत्र माह में क्या करें?

चैत्र माह नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दौरान सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य दें, क्योंकि सूर्य मेष में प्रवेश करता है। नवरात्रि में घटस्थापना, कलश पूजन और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा अवश्य करें। गुड़ी पड़वा पर गुड़ी लगाना, नए वस्त्र पहनना और मीठा भोजन करना शुभ माना जाता है। इस महीने में दान-पुण्य, तुलसी पूजा, विष्णु मंत्र जाप और रामायण पाठ विशेष फलदायी होते हैं। जौ बोना, नए संकल्प लेना और घर की सफाई करना भी शुभ है। इन कार्यों से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और वर्ष भर सुख-समृद्धि बनी रहती है।

चैत्र माह में क्या ना करें

चैत्र मास में कुछ कार्यों से बचना चाहिए, क्योंकि ये ग्रहों की स्थिति के कारण प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

  • नए घर का निर्माण या भूमि पूजन ना करें (चैत्र में निर्माण शुरू करना अशुभ माना जाता है)।
  • विवाह या मुंडन जैसे संस्कार ना करवाएं (चैत्र में विवाह वर्जित हैं)।
  • नई दुकान या व्यवसाय की शुरुआत ना करें।
  • बड़े-बड़े निवेश, शेयर खरीद या ऋण लेने से बचें।
  • घर में झाड़ू-पोछा या सफाई का काम रात में ना करें।
  • मांस-मदिरा, तामसिक भोजन और क्रोध से दूर रहें।

इन गलतियों से आर्थिक हानि, पारिवारिक तनाव या स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।

नवरात्रि के दौरान विशेष सावधानियां

चैत्र नवरात्रि में व्रत रखने वाले भक्तों को विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। व्रत में फलाहार करें, लेकिन नमक कम लें। रात में जागरण करें, लेकिन झूठी नींद न लें। नवरात्रि में काले कपड़े न पहनें और घर में नकारात्मक बातें न करें। कन्या पूजन और अष्टमी-नवमी पर कन्याओं को भोजन अवश्य कराएं। यदि व्रत टूट जाए तो पुनः शुरू न करें, बल्कि अगले दिन से नियमित पूजा करें। इन नियमों का उल्लंघन करने से मां दुर्गा की कृपा कम हो सकती है।

चैत्र माह में स्वास्थ्य और आहार से जुड़े नियम

चैत्र में पित्त और वात दोष बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए:

  • ठंडे, तीखे और ज्यादा मसालेदार भोजन से परहेज करें।
  • खट्टे फल (आंवला, नींबू) और हरी सब्जियां अधिक लें।
  • रोजाना तुलसी का पानी पिएं और सूर्य नमस्कार करें।
  • रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें।
  • चैत्र नवरात्रि में फलाहार या सात्विक भोजन करें।

ये नियम शरीर को शुद्ध रखते हैं और पूरे वर्ष रोगों से बचाते हैं।

चैत्र माह की गलतियों से बचने के सरल उपाय

यदि कोई गलती हो गई हो तो इन उपायों से नकारात्मक प्रभाव कम किया जा सकता है:

  1. रोजाना 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ राम रामाय नमः' का जप करें।
  2. चैत्र में हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाएं।
  3. घर में तुलसी का पौधा रखें और रोज जल अर्पित करें।
  4. दान में काले तिल, कंबल या जौ दान करें।
  5. परिवार के साथ मिलकर रामचरितमानस का पाठ करें।

इन उपायों से चैत्र की गलतियों का प्रभाव कम होता है और पूरे वर्ष शुभ फल मिलते हैं।

चैत्र माह नई शुरुआत का महीना है। इस दौरान वास्तु, ज्योतिष और धार्मिक नियमों का पालन करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इन बातों का ध्यान रखकर आप चैत्र माह को और भी शुभ बना सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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