
बसंत पंचमी पर क्यों पहना जाता है पीला रंग? जानें भोग में क्या-क्या रखना होता है शुभ?
बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनने की परंपरा है। साथ ही इस दिन मां सरस्वती को पीले रंग का भोग भी लगाया जाता है। नीचे जानें आखिर इस दिन का संबंध पीले रंग से क्यों है?
सनातन धर्म में बसंत पंचमी का त्योहार मां सरस्वती से संबंधित है। इस दिन विद्या, बुद्धि और कला की देवी कही जाने वाली मां सरस्वती की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। यह त्योहार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन शुक्रवार भी है और इस वजह से इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। मान्यता है कि अगर इस दिन पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाए तो वो अपनी कृपा जरूर बरसाती हैं। इस दिन का संबंध पीले रंग से होता है और इस दिन पीले रंग के ही कपड़े पहनने की परंपरा है। चलिए जानते हैं कि आखिर इस दिन का संबंध पीले रंग से क्यों है?
क्यों पहना जाता है पीला रंग
मान्यता के अनुसार पीला रंग मां सरस्वती को सबसे ज्यादा भाता है। यही वजह है कि बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का काफी महत्व होता है। वहीं हिंदू धर्म में इस रंग का विशेष महत्व है। इसे पॉजिटिविटी, शुद्धता और खुशी से जोड़कर देखते हैं। साथ ही इसे सौभाग्य का भी रंग कहा जाता है। इसके अलावा इस रंग का संबंध ज्ञान और गुरु से भी जोड़कर देखा जाता है। अब ऐसे में मां सरस्वती ज्ञान की देवी हैं तो पीले रंग का संबंध उनके साथ और भी गहरा हो जाता है। यही वजह है कि बसंत पचंमी के दिन लोग पीले रंग की चीजों का भी दान करते हैं। साथ ही मां सरस्वती को भी पीले चीजों का ही भोग लगाया जाता है।
बसंत पंचमी पर लगाएं ये भोग
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को भोग जरूर लगाएं। ध्यान रखें कि उन्हें सिर्फ पीली चीजों का ही भोग लगाया जाए। इस खास दिन पर मां को घर पर बना हुआ मालपुआ, केसर वाली खीर और बेसन का लड्डू चढ़ाना चाहिए। पूरे विधि-विधान से पूजा करने के बाद इन चीजों का भोग मां सरस्वती को जरूर लगाएं। भोग लगाने के बाद पूजा वाले प्रसाद का वितरण जरूर करना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





