हाथों में जीवन रेखा टूटी हो, फिर से शुरू हो रही है, तो इसका क्या है मतलब?

Apr 09, 2026 04:23 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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भाग्यरेखा, जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा हाथों में हमारे भविष्य के बारे में बताती हैं। एक तरफ इन रेखाओं के लिए अनुसार भविष्य को लेकर काफी बताईं जा सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ इन रेखाओं को टूटा होना भी आपके लिए दिक्कत वाला हो सकता है।

हाथों में जीवन रेखा टूटी हो, फिर से शुरू हो रही है, तो इसका क्या है मतलब?

भाग्यरेखा, जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा हाथों में हमारे भविष्य के बारे में बताती हैं। एक तरफ इन रेखाओं के लिए अनुसार भविष्य को लेकर काफी बताईं जा सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ इन रेखाओं को टूटा होना भी आपके लिए दिक्कत वाला हो सकता है। कैसे एक टूटी हुआ रेखा आपके जीवन को प्रभावित करती हैं, कैसे इसके प्रभाव से आपकी लाइफ में असर पड़ता है। आप यहां पढ़ सकते हैं? यहां अभी हम जीवनरेखा के बारे में बात करेंगे। अगर आपकी जीवनरेखा टूटी हुई है तो इसका क्या असर होता है, यहां पढ़ें

कैसी जीवनरेखा आपके लिए नुकसान है?

अगर जीवनरेखा टूटी हुई हो तो समझना चाहिए कि आपकी लाइफ के प्रवाह मे बाधा पड गई। अगर जीवन-रेखा साफ दिखाई दे रही है तो जीवन-रेखा खडित होने का अधिक असर नहीं होता । किन्तु यदि जीवनरेखा चौडी, उथली हो तो पता चलता है कि आपके प्राण-गति पहले ही कम है। इस कारण जीवन-रेखा खडित होने से हेल्थ को नुकसान होता है। जीवन-रेखा हूटी हुई हो और फिर प्रारम्भ हो गई हो, यानी दोनों अंतरों में कोई बड़ा फर्क ना दिख रहा हो, तो इसके बहत अधिक दोष नहीं है। अगर इसके इस हुए स्थान के चारों ओर कोई चतुष्कोण हो तो आपत्ति से रक्षा हो सकती है। इस प्रकार की हल्की ठूट, साधारण दुर्घटना था बीमारी प्रकट करती है।

अगर खंडित होने के स्थान पर दोनों खंड एक-दूसरे के ऊपर आ जावते हैं (और कोई खंड भीतर की ओर आकडेंदार न हो अर्थात्‌ घूमा हुआ न हो) तो इसका प्र्थ है कि रेखा का खडित होना दोपपूर्ण नही रहा ।

अगर खंडित भाग के पीछे जीवनरेखा के गोलाई लिए हुए जीवनरेखा के साथ-साथ कोई रेखा हो तो यह खडित होने के दोष को उसी तरह दूर करती है।

अगर जीवनरेखा जहां खडित हुई है उस स्थान को चारो और से घेरे हुए एक चतुष्कोण हो तो भी खडित होने का दोष बहुत कुछ दूर हो जाते हैं।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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