त्रेता युग से हो रही है हरतालिका तीज व्रत और पूजा, इस व्रत में क्या दान करें

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हरतालिका तीज 2026 : हरतालिका तीज का व्रत आज का नहीं है, इसे मां पार्वती ने पहली बार रखा था, इसके बाद हर सुहागिन स्त्री हरतालिका तीज का व्रत करने लगी।

Hartalika teej Kya daan karein
हरतालिका तीज व्रत में क्या दान करें

आज सोमवार को हरतालिका तीज का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन खास तौर पर भगवान शिव और पार्वती की पूजा होती है, इसलिए सोमवार होना तीज के लिए और भी खास है। इस दिन सुबह व्रत का संकल्प लेकर शाम के समय व्रत की कथा सुी जाती है। आपको बता दें कि इस व्रत का महत्व बहुत अधिक है। आज से नहीं त्रेतायुग से हरतालिका तीज की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि मां पार्वती ने शिवजी को पति रूप में पाने के लिए हस्त नक्षत्र में यह व्रत किया था, जिससे शिवजी का सिंहासन डोल गया था। इस दिन सुहागिनें महिलाएं मिट्टी से भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाती है और गंगाजल, अक्षत, चंदन और बेलपत्र से पूजा करती हैं। इस दिन सुहागिनें महिलाएं मिट्टी से भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर गंगाजल, अक्षत, चंदन और बेलपत्र से पूजा करती हैं। सोलह शृंगार कर पूजा करने की भी परंपरा भी कही जाती है। इसका व्रत उपवास सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक किया जाता है। अगले दिन पारण में भी शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इसके बाद ही सात्विक आहार लिया जाता है।

इस दिन क्या दान करें

इस दिन सुहागिन महिलाओं को सोलह शृंगार की चीजें, इसे बायना भी कहते हैं, जिसमें मट्ठी, मिठाई, सिंदूर, मंगलसूत्र, बिछिया, महेंदी, बिंदी आदि का दान किया जाता है। इससे अखंड सौभाग्य आता है। इसके अलावा इस दिन कपड़ों का दान करना चाहिए, इससे जीवन में संपन्नता आती है।इस दिन मिठाई, भोजन, फल और दही का दान भी करना चाहिए,इससे शीतलता आती है। इसके साथ ही इस दिन भगवान की चरणों में बेलपत्र आदि भी अर्पित करने चाहिए।

आज चित्रा नक्षत्र का योग

व्रती चित्रा नक्षत्र और ब्रह्म योग के शुभ संयोग में तीज व्रत की पूजा करेंगी। सोमवार को तीज व्रत होने से यह दिन भगवान शिव और पार्वती की पूजा के लिए विशेष फल प्रदान करने वाला माना जाता है। शाम में सूर्यास्त के पहले तीज व्रत की कथा सुनी जाएगी। पं. शंभूनाथ झा ने बताया कि मान्यता के अनुसार, सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए तीज व्रत किया था। उनके व्रत से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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