हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी पर रहेगी भद्रा, तीज का पारण भी भद्रा में
Hartalika Teej Ganesh chaturthi: इस साल गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज पर भद्रा का साया रहेगा। इस दिन तो भद्रा रहेगी क्या पारण में भी भद्रा होगी, पढ़ें ऐसे में क्या करें

तीज और गणेश चतुर्थी को लेकर बाजारों में अभी से चहल-पहल दिख रही है। इस साल तीज और गणेश चतुर्थी का महासंयोग देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही इससाल दोनों व्रतों में भद्रा का असर रहेगा। वैसे तो हरतालिका तीज व्रत से एक दिन बाद गणेश चतुर्थी का व्रत आता है। इसे कलंक चौथ भी कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन चांद का दर्शन नहीं किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की एक साथ पूजा अर्चना की जाएगी। अगर तारीख को लेकर कंफ्यूजन है तो आपको बता दें कि हरतालिका व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा।
प्रदोष काल में मिट्टी और बालू से बनेंगे शिव पार्वती और गोबर से बनेंगे गणपति
परंपरा के अनुसार व्रती भगवान शंकर और माता पार्वती की मिट्टी और बालू की प्रतिमा बनाकर निर्जला व्रत करेंगी। इस दिन शाम के समय चौक सजाकर महिलाएं विधि विधान के साथ भगवान की पूजा करेंगी। इसके बाद अगले दिन शिवजी का विसर्जन भी होता है। वहीं इसी दिन इससे पूर्व गोबर से बने प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की पूजा की जाएगी। पूजा में नए वस्त्र, बांस के सूप और डलिया, शृंगार की सामग्री, अंकुरित चने को भी बहुत खास माना जाता है।
इस साल दोनों व्रत एक ही दिन
इस वर्ष धार्मिक दृष्टि से 14 सितंबर का दिन बेहद खास रहनेवाला है। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार 14 सितंबर की सुबह करीब 7:07 बजे तक शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन स्वाती नक्षत्र के साथ-साथ ब्रह्म व इंद्र योग का भी संयोग है। हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
हरतालिका तीज पर रहेगा भद्रा का साया, पारण भी भद्रा में
इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर तीज की पूजा करती हैं। हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है और इस वर्ष इसकी तिथि 14 सितंबर ही निर्धारित है। इस साल हरतालिका तीज पर भद्रा का असर रहेगा। भद्रा 14 तारीख को लग रही है जो पारण के समय भी मौजूद रहेगी। ऐसे में इस वर्ष पूजा से लेकर पारण तक भद्रा का भी असर रहेगा। भद्रा 14 की रात में 07:21 बजे प्रवेश कर रहा है, जो कि अगले दिन 15 को दिन सुबह के 07:44 बजे तक रहेगा। इसलिए 7:44 के उपरांत ही पारण करना शास्त्र सम्मत होगा। भद्रा में व्रत का पारण ना करें। भद्रा में व्रत का पारण नहीं किया जाता है।


