अगस्त या सितंबर हरतालिका तीज कब है? जानें व्रत की सटीक तारीख, पूजन मुहूर्त और व्रत का फल
Hartalika Teej 2026 kis din hai: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का खास महत्व है। यह व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का विधान है। जानें इस बार हरतालिका तीज व्रत कब है।

Hartalika Teej 2026 Vrat kab rakha jayega: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज व्रत रखा जाता है। यह कठिन व्रतों में से एक माना गया है। इस व्रत में सुहागिन स्त्रियां निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती जी का विधि-विधान से पूजन करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य के साथ सुखद वैवाहिक जीवन की प्राप्ति होती है। जानें इस बार हरतालिका तीज व्रत कब है।
हरतालिका तीज व्रत किस दिन है:
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 13 सितंबर 2026 को सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर प्रारंभ होगी और 14 सितंबर 2026 को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर हरतालिका तीज व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखना उत्तम रहेगा।
हरतालिका तीज पूजन का शुभ मुहूर्त 2026:
हरतालिका तीज पूजन के लिए सुबह 06 बजकर 05 मिनट से सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक का समय अत्यंत शुभ रहेगा। पूजन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 32 मिनट से सुबह 05 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
हरतालिका तीज पर प्रदोष काल मुहूर्त 2026:
हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन अगर सुबह के समय संभव नहीं हो पाए, तो शाम के समय प्रदोष काल में करना अत्यंत शुभ रहता है। 14 सितंबर को प्रदोष काल शाम 06 बजकर 28 मिनट से रात 08 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
हरतालिका तीज पूजा विधि:
हरतालिका तीज व्रत करने के लिए सबसे पहले स्नान आदि करके भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
अब मिट्टी से माता पार्वती और बालू का शिवलिंग बनाकर पूजा करें।
भगवान शिव को दूध, दही, गंगाजल, अक्षत, रोली, चंदन, फूल, शमीपत्र, धतूरा, बेलपत्र और शहद अर्पित करें। माता पार्वती को लाल चुनरी या साड़ी के साथ 16 श्रृंगार अर्पित करें।
अब हरतालिका तीज व्रत कथा का पाठ करें या किसी से सुनें।
अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारें।
पूजा के बाद सुहागिन स्त्रियों को श्रृंगार की सामग्री दान करें।
हरतालिका तीज व्रत का फल:
हरतालिका तीज व्रत करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन के साथ आर्थिक खुशहाली प्राप्त होती है। मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं मनचाहा और सुयोग्य वर पाने के लिए यह व्रत करती हैं। इस व्रत को करने से करोड़ों यज्ञों के समान पुण्य मिलता है और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।


