मनोकामना पूर्ति और संतान सुख, हरतालिका तीज पर फुलेरा के दर्शन मात्र से मिलते हैं ये 5 लाभ
Hartalika Teej phulera: हरतालिका तीज पर फुलेरा दर्शन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन फुलेरा के दर्शन करने से जातक को मनवांछित फल मिलने के साथ ही सुख-समृद्धि का भी वरदान मिलता है।

Hartalika teej par phulera ka darshan: हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। इस साल हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026, सोमवार को है। इस व्रत में सुहागिन स्त्रियां 24 घंटे निर्जला व्रत करती हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करती हैं। इस व्रत को अत्यंत कठिन व्रतों में से एक माना गया है। इस दिन घरों और शिव मंदिरों में फुलेरा लगाना और उसके दर्शन करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि हरतालिका तीज पर फुलेरा दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। कहा जाता है कि इस दिन हर शिव भक्त को मंदिर जाकर फुलेरा दर्शन करना चाहिए। जानें हरतालिका तीज पर फुलेरा दर्शन से क्या होता है।
हरतालिका तीज पर फुलेरा दर्शन करने से क्या होता है:
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, हरतालिका तीज पर फुलेरा दर्शन करने से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। 22 हजार बार सर्वोत्तम यज्ञ और हजारों बार पुष्कर, त्रिवेणी, गंगा और प्रयाग स्नान के समान शुभ फल मिलता है। हजारों बार तीर्थों के दर्शन करने के पुण्य के समान फुलेरा दर्शन का फल होता है।
हरतालिका तीज पर फुलेरा दर्शन करने के 5 प्रमुख लाभ:
हरतालिका तीज पर फुलेरा दर्शन और पूजन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
अखंड सौभाग्य का वरदान: मान्यता है कि हरतालिका तीज पर फुलेरा के नीचे विराजित भगवान शिव और माता पार्वती का दर्शन करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन घर व्रती महिला को घर पर फुलेरा बनाना चाहिए।
वैवाहिक कष्टों से मुक्ति: अगर पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव या अनबन चल रही हो, तो मान्यता है कि फुलेरा का दर्शन और स्पर्श करने से वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होती है और प्रेम-संबंधों में मधुरता आती है।
शीघ्र विवाह के योग: फुलेरा दर्शन करने से कुंवारी या अविवाहित कन्याओं के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।
मनोकामना होती है पूर्ण: हरतालिका तीज पर फुलेरा को भगवान शिव और माता पार्वती का प्राकृतिक स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि इसके दर्शन और पूजन करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
संतान सुख की प्राप्ति: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फुलेरा का दर्शन और विधि-विधान से पूजन करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। संतान की संकटों से रक्षा होती है।
हरतालिका तीज का फुलेरा क्या होता है?
हरतालिका तीज की पूजा में फुलेरा ताजा फूलों, लताओं और पत्तियों से तैयार किया जाने वाला एक सुंदर पुष्प मंडप होता है। इसे छत्र भी कहा जाता है। यह बालू या मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमा के ठीक ऊपर लगाया जाता है।


