Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें तारीख, पूजा का समय, व्रत का महत्व और इस दिन क्या करें

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हरियाली तीज सावन के प्रमुख पर्वों में से एक है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए खास माना जाता है। साल 2026 में यह पर्व 15 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। जानें हरियाली तीज की तारीख, धार्मिक महत्व, पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, व्रत के नियम और इस दिन क्या करें और किन बातों से बचें।

Hariyali Teej 2026

Hariyali Teej 2026: सावन का महीना शुरू होते ही हरियाली तीज का इंतजार भी शुरू हो जाता है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा को समर्पित माना जाता है। हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से रखती हैं। वहीं कई अविवाहित लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की इच्छा से यह व्रत करती हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में यह त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट साथ का प्रतीक है। यही वजह है कि हर साल लाखों महिलाएं इस पर्व का इंतजार करती हैं और पूरे श्रद्धा भाव से इसे मनाती हैं।

हरियाली तीज 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार हरियाली तीज सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में हरियाली तीज शनिवार, 15 अगस्त को है। इस दिन सुबह से ही मंदिरों में शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। महिलाएं व्रत रखती हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। पूजा का शुभ समय तृतीया तिथि में ही माना जाता है। इसलिए व्रत रखने वाले लोगों को अपने शहर के पंचांग के अनुसार पूजा का समय देख लेना चाहिए।

क्या है हरियाली तीज का महत्व?

धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तप किया था। उनकी तपस्या से खुश होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से हरियाली तीज का व्रत पति-पत्नी के रिश्ते और अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है। अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की कामना से यह व्रत रखती हैं।

पूजा में किन चीजों की जरूरत होती है?

हरियाली तीज की पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या प्रतिमा, बेलपत्र, फूल, फल, मिठाई, हरी चूड़ियां, मेहंदी, सिंदूर और पूजा की दूसरी सामग्री रखी जाती है। पूजा के बाद शिव-पार्वती की आरती की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है।

इस दिन क्या करें?

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। अगर व्रत रख रहे हैं तो पूरे दिन मन को शांत रखें। जरूरतमंद लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार दान देना भी शुभ माना जाता है। परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करें।

क्या न करें?

हरियाली तीज के दिन किसी से बहस या झगड़ा करने से बचें। पूजा में जल्दबाजी न करें। अगर व्रत रखा है तो नियमों का पालन करें। बिना वजह किसी का दिल न दुखाएं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और व्रत का शुभ फल मिलता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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