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Harchhath vrat 2025: जन्माष्टमी से दो दिन पहले रखा जाता है हरछठ व्रत, संतान की लंबी उम्र की कामना करती हैं माताएं

Harchhath vrat 2025: जन्माष्टमी से दो दिन पहले रखा जाता है हरछठ व्रत, संतान की लंबी उम्र की कामना करती हैं माताएं

संक्षेप:

हर साल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी से पहले हरछठ का व्रत रखा जाता है। इसे महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए रखती हैं।  इस व्रत को कृष्ण के बड़े भाई बलराम के जन्मदिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। 

Jul 10, 2025 04:53 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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हर साल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी से पहले हरछठ का व्रत रखा जाता है। इसे महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए रखती हैं। इस व्रत को कृष्ण के बड़े भाई बलराम के जन्मदिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। इसे हरछठ, हलषष्ठी या ललही छठ भी कहा जाता है, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। पंचांग की मानें तो इस साल यह व्रत 14 अगस्त को रखा जाएगा। हालांकि जन्माष्टमी इस साल दो दिन 15 अगस्त और 16 अगस्त दो दिन है। ऐसे में इसकी तारीख में भी अंतर हो सकता है।

हलषष्ठी व्रत के नियम
इस व्रत को रखने के बहुत नियम हैं। इस व्रत में हल से जुता हुआ कुछ भी नहीं खाया जाता है। इसके अलावा गाय के दूध और दही या घी का इस्तेमाल भी नहीं तिया जाता है। इस दिन तालाब में पैदा हुई चीज जैसे सिंघाड़े आदि खा सकते हैं। सिंघाड़े का आटा इस्तेमाल किया जा सकता है। इस दिन अनाज बिल्कुल नहीं खाया जाता है। कुछ लोग चीनी आदि का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। इस व्रत में षष्ठी माता की पूजा की जाती है। उनका दिवार में चित्र बनाया जाता है और सात प्रकार का अनाज षष्ठी मैय्या को अर्पित किया जाता है। षष्ठी मैय्या से संतान की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी उम्र की कामना की जाती है। इसके अलावा माता को धान की लाई, भैंस का दूध-दही व घी आदि रखते हैं। बच्चों के खिलौने जैसे-भौरा, बाटी आदि भी अर्पित किए जाते हैं और फिर पूजा के बाद बच्चों में बांट दिए जाते हैं। यह भी कहा जाता है कि इस दिन हल से जुती हुई भूमि पर नहीं चलना चाहिए और किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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