
मंगलवार को करें हनुमान जी के लिए ये उपाय और पढ़ें रामचरितमानस की चौपाई
Hanuman ji puja: मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ और सुंदरकांड का पाठ भी करा जाता है। इसके अलावा अगर आप रामचरितमानस का पाठ करते हैं, तो भी आपको हनुमान जी की कृपा मिलती है।
Hanuman jiChaupai: मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ और सुंदरकांड का पाठ भी करा जाता है। इसके अलावा अगर आप रामचरितमानस का पाठ करते हैं, तो भी आपको हनुमान जी की कृपा मिलती है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। आपको बता दें कि हनुमान जी आपको डर, संकट से दूर करते हैं, वहीं आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। भगवान राम के भक्त हनुमान जी की पूजा अपने भक्तों के सभी दुखों का नाश करती है। यहां पढ़ें रामचरितमानस की चौपाई और मंगलवार के उपाय-
हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम॥ १॥
ये चौपाई रामचरितमानस से ली गई है। इसमें हनुमान जी अपने आराध्य प्रभु राम का गुणगान कर रहे हैं और कह रहे हैं, कि मुझे पहले श्री राम का काम करना है, तभी में विश्राम करुंगा। इस चौपाई का अर्थ है कि हनुमानजी ने उसे हाथ से छू दिया, फिर प्रणाम करके कहा- भाई ! श्री रामचन्द्रजी का काम किये बिना मुझे विश्राम कहां ?॥ १॥
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्ते वातजातं नमामि॥ ३॥
हनुमान जी अतुलित बल , यानी जिसकी तुलना नहीं की जा सकती है, सोने के पर्वत की तरह जिनकी कांति है, दैत्यों का जो नाश करते हैं, सभी ज्ञानियों में ये सभी अधिक ज्ञानवान हैं। सभी गुणों के निधान है। ऐसे वानरों के स्वामी, भगवान राम के प्रिय भक्त हनुमान जी को बार -बार नमस्कार है। इस चौपाई का अर्थ है- अतुल बलके धाम, सोनेके पर्वत (सुमेरु) के समान कान्तियुक्त शरीरवाले, दैत्यरूपी वन को ध्वंस करने के लिये अग्निरूप, ज्ञानियों में अग्रगण्य, सम्पूर्ण गुणों के निधान, वानरोंके स्वामी, श्रीरघुनाथजी के प्रिय भक्त पवनपुत्र श्रीहनुमानूजीको मैं प्रणाम करता हूं॥
मंगलवार हनुमान जी उपाय
इस दिन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। हनुमान जी को खास तौर पर जनेई, सिंदूर, पान और चंदन अर्पित किया जाता है। इसके अलावा चमेली का तेल भी अर्पित करते हैं। इसके अलावा इस दिन हनुमान जी को लड्डू, बूंदी का प्रसाद चढ़ाया जाता है। हनुमान जी की पूजा में खास तौर पर शुद्धता का बहुत अधिक महत्व है, इसलिए प्रसाद शुद्ध तरीके से बनाया होना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





