2 अप्रैल को हनुमान जयंती पर सुबह से शाम तक इन शुभ मुहूर्त में करें पूजा, पढ़ें उपाय, मंत्र, भोग, विधि
Hanuman Jayanti Time 2026 Pooja Muhurat : हनुमान जी अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता के रूप में जाने जाते हैं। इस खास दिन पर विधि विधान के साथ बजरंगबली की उपासना करने से डर, भय, रोग, दुख, कष्ट आदि से राहत मिलती है।

Hanuman Jayanti Time: हर साल चैत्र महीने में हनुमान जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि के दिन हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व मनाया जाता है। हनुमान जी अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता के रूप में जाने जाते हैं। इस खास दिन पर विधिवत बजरंगबली की उपासना करने से डर, भय, रोग, कष्ट आदि से राहत मिलती है। हनुमान जी भगवान शिव के 11वें अवतार और श्री राम के परम भक्त माने जाते हैं। आइए जानते हैं हनुमान जयंती पर पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और उपाय-
क्या 2 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाना शुभ रहेगा?
ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद मिश्र के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव को लेकर दो मत प्रचलित है। एक मत के अनुसार, हनुमान जी का जन्म चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को मेष लग्न में हुआ था। वहीं, दूसरी मान्यता के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमान जी का अवतरण हुआ। दो अप्रैल को सूर्योदय 5:51 बजे पर और पूर्णिमा तिथि का मान सूर्योदय के बाद 6:28 बजे तक रहेगा। इस दिन हस्त नक्षत्र सायंकाल 4:35 बजे तक, इसके बाद चित्रा नक्षत्र रहेगा। प्रातः काल मेष लग्न होने के कारण हनुमान जयंती इसी दिन मनाई जाएगी। इस दिन चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि है।
2 अप्रैल को हनुमान जयंती पर सुबह से शाम तक इन शुभ मुहूर्त में करें पूजा
- ब्रह्म मुहूर्त 04:38 ए एम से 05:24 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:00 पी एम से 12:50 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:30 पी एम से 03:20 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:38 पी एम से 07:01 पी एम
- अमृत काल 11:18 ए एम से 12:59 पी एम
- निशिता मुहूर्त 12:01 ए एम, अप्रैल 03 से 12:47 ए एम, अप्रैल 03
हनुमान जयंती के दिन के चौघड़िया मुहूर्त
- शुभ - उत्तम 06:10 ए एम से 07:44 ए एम
- चर - सामान्य 10:51 ए एम से 12:25 पी एम
- लाभ - उन्नति 12:25 पी एम से 01:59 पी एम
- शुभ - उत्तम 05:06 पी एम से 06:39 पी एम
- अमृत - सर्वोत्तम 06:39 पी एम से 08:06 पी एम
- चर - सामान्य 08:06 पी एम से 09:32 पी एम
हनुमान जी का मंत्र क्या है?
ॐ हं हनुमते नमः
हनुमान जी को किस चीज का भोग लगाएं?
हनुमान जी को आप बूंदी, मीठा पान, बेसन के लड्डू, पंचामृत, चूरमा, फल, सूखे मेवे और गुड़-चने का भोग लगा सकते हैं।
हनुमान जयंती पर क्या उपाय करें?
हनुमान जयंती को हनुमान चालीसा का पाठ करें। सिंदूर चढ़ाएं। हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक जलाएं। मनोकामना पूर्ति के लिए राम नाम का जप करें।
हनुमान जयंती पर कैसे पूजा करें?
हनुमान जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है। हनुमान जी का अभिषेक करें। प्रभु को पीले, लाल या नारंगी रंग के फल, फूल और वस्त्र चढ़ा सकते हैं। लाल चंदन से तिलक लगाएं। अब धूपबत्ती और घी का दीपक प्रज्वलित करें। अब लड्डू, मेवे या मिठाई का भोग लगाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करें। व्रत रख रहें तो व्रत का संकल्प लें। आरती करें। अंत में क्षमा प्रार्थना करना न भूलें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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