Hanuman Jayanti 2026: सुबह नहीं कर पाएं हनुमान जी की पूजा? शाम को 1 घंटा 27 मिनट के लिए है शुभ मुहूर्त
Hanuman Jayanti 2026 Puja Muhurat Today: अगर आज आप हनुमान जयंती की पूजा नहीं कर पाए हैं तो शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त नोट कर लें। शुभ मुहूर्त पर की गई पूजा फलदायी होती है।

आज हनुमान जन्मोत्सव है। हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा पर हनुमान जयंती मनाई जाती है। हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार हनुमान जयंती वाले दिन अगर भगवान हनुमान की पूजा की जाए तो सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। आज सुबह हनुमान जी की पूजा का सबसे अच्छा मुहूर्त था जोकि अब निकल चुका है। अगर आप अभी तक बजरंगबली की पूजा नहीं कर पाए हैं और शाम में मंदिर जाने की सोच रहे हैं तो शाम वाले शुभ मुहूर्त के बारे में जान लें। कई लोग शुभ मुहूर्त के निकल जाने का अफसोस भी कर रहे होंगे लेकिन ऐसा ना करें क्योंकि शाम का शुभ मुहूर्त अभी बचा हुआ है। इस समय हनुमान जी की पूजा करना आपके लिए उतना ही फलदायी साबित होगा।
शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त
आज सुबह हनुमान जयंती की पूजा 6 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट के बीच करनी थी। इस शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से की गई पूजा का महत्व बहुत होता है। हालांकि शाम को भी पूजा के लिए 1 घंटे और 27 मिनट का शुभ मुहूर्त है। हिंदू पंचांग के हिसाब से आज शाम को 6 बजकर 39 मिनट से लेकर 8 बजकर 6 मिनट के बीच भी पूजा की जा सकती है। ऐसे में इस शुभ मुहूर्त में आज आप बजरंगबली की पूजा-अर्चना जरूर करें।
आज ऐसे करें भगवान हनुमान की पूजा
भगवान हनुमान की पूजा आज आप मंदिर में जाकर भी कर सकते हैं। वहीं घर पर भी आसान सी विधि के साथ आप बजरंगबली को पूज सकते हैं। मंदिर की साफ-सफाई पहले ही कर लें। चौकी पर लाल आसन के ऊपर भगवान हनुमान की मूर्ति को रखें। सरसों का दीया जलाएं। धूपबत्ती दिखाते हुए फूल अर्पित करें। इसके बाद सिंदूर अर्पित करें। अगर आप मंदिर जा रहे हैं तो भगवान हनुमान को आज के दिन चोला जरूर चढ़ाएं। भोग में आप बूंदी-बेसन लड्डू और केले चढ़ा सकते हैं।
हनुमान चालीसा का पाठ
हनुमान जयंती की शाम हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें। नियम अनुसार आज के दिन 11 बार हनुमान चालीसा जरूर पढ़नी चाहिए। आज आप बजरंग बाण या फिर सुंदरकांड का पाठ भी करें क्योंकि इससे लाभ मिलेगा। मन शांत रहेगा और आपके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। इसके बाद आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।
पूजा के दौरान ना करें ये गलतियां
1. हनुमान जी की पूजा में शुद्धता का विशेष महत्व होता है। स्नान करके ही पूजा करें और साफ-सुथरे कपड़े ही पहनें।
2. भगवान हनुमान को हमेशा बूंदी, सिंदूर और चमेली का तेल ही चढ़ाएं। पूजा के दौरान गलत चीजें अर्पित करने से बचें। हनुमान जी की पूजा में दूध या फिर कोई ऐसी चीज ना चढ़ाएं तो जरूरी नहीं होती हैं।
3. अगर आपने व्रत रखा है तो तामसिक भोजन से दूर रहने की कोशिश करें। सात्विक खाना खाने से पूजा फलदायी होगी।
4. पूजा एकाग्र मन से करें। आरती के वक्त बातचीत में ध्यान ना लगाएं। मोबाइल फोन को भी दूर ही रखें। शांत मन से पूजा में शामिल हों।
5. चाहे कुछ भी हो जाए आपको हनुमान चालीसा को बीच में अधूरा नहीं छोड़ना है। जल्दबाजी में चालीसा का पाठ ना करें।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
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एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
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