Hanuman Jayanti 2026: 1 लाख ध्वज, 1100 गदाधारी, काशी रचेगा कीर्तिमान! ऐसी है हनुमान जन्मोत्सव की तैयारी
भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान के जन्मोत्सव पर श्री हनुमत सेवा समिति की ओर से 23वीं श्री हनुमान ध्वज यात्रा 2 अप्रैल को निकाली जाएगी। इस साल भक्तों की संख्या और ध्वजों के मामले में यह नया कीर्तिमान रचेगी। चलिए जानते हैं कि वाराणसी में हनुमान जन्मोत्सव की क्या-क्या तैयारियां हैं।

हनुमान जयंती का पर्व पूरे देशभर में बेहद ही धूमधाम और पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। इस बार हनुमान जयंती का पर्व 2 अप्रैल को मनाया जाएगा। शिव की नगरी काशी में इस बार हनुमान जयंती के पर्व को भव्य तरीक से मनाने की तैयारी चल रही है। भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान के जन्मोत्सव पर श्री हनुमत सेवा समिति की ओर से 23वीं श्री हनुमान ध्वज यात्रा 2 अप्रैल को निकाली जाएगी। आयोजकों का दावा है कि इस साल भक्तों की संख्या और ध्वजों के मामले में यह नया कीर्तिमान रचेगी। चलिए जानते हैं कि वाराणसी में हनुमान जन्मोत्सव की क्या-क्या तैयारियां हैं।
1 लाख तैयार किए गए हैं ध्वज
संकट मोचन हनुमान जयंती के मौके पर काशी में आयोजित होने वाली भव्य ध्वजा यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस यात्रा के लिए करीब 1 लाख छोटे-बड़े ध्वज तैयार किए गए हैं। 2 अप्रैल की सुबह सूर्योदय के साथ महाआरती के बाद वाराणसी के भिखारीपुर से इस विशाल यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। यात्रा में कई विशेष आकर्षण भी शामिल रहेंगे। इसमें 30 हजार से अधिक भक्तों और 11 सौ गदाधारियों के 5100 ध्वजाओं के साथ शामिल होने की संभावना है। सभी ध्वजाएं बजरंग बली को अर्पित की जाएंगी।
250 से अधिक सेवा स्टॉल
बताया कि भिखारीपुर तिराहे से संकट मोचन दरबार तक के मार्ग पर भक्तों की सुविधा के लिए 250 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां फल, मिठाई, जूस, छाछ, लस्सी, फलाहार और ड्राईफ्रूट्स का वितरण होगा।
3 किलोमीटर तक भक्तों की कतार
हनुमान ध्वज यात्रा में हनुमान भक्तों की 3 किलोमीटर से ज्यादा लंबी अटूट कतार देखने को मिलेगी। इस यात्रा में भक्त नंगे पांव रहेगं भक्त नंगे पांव हाथ में ध्वज लेकर संकट मोचन दरबार पहुंचेंगे और बाबा को ध्वज अर्पित करेंगे। जानकारी के मुताबिक इस ध्वज यात्रा के लिए 50 हजार झंडिया, 21 हजार के करीब छोटे ध्वज और 5100 बड़े ध्वज को तैयार किया गया है। ध्वज को तैयार करने में महिला शक्ति का विशेष योगदान है। इसके लिए समिति से जुड़ी करीब 50 से ज्यादा महिलाओं ने 1 महीने तक काम किया है।
1100 गदाधारी भक्त होंगे शामिल
इस यात्रा की खास बात यह होगी कि 1100 भक्त अपने हाथों में भगवान बजरंगबली का प्रतीक ‘गदा’ लेकर शामिल होंगे। अपने आराध्य हनुमान जी के दर्शन की श्रद्धा में हजारों भक्त तेज गर्मी के बावजूद नंगे पांव चलकर श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचेंगे और खुद को धन्य महसूस करेंगे।
60 फीट लंबे रथ पर राम दरबार
इतना ही नहीं 60 फीट लंबे रथ पर भगवान श्री राम की झांकी सजेगी और राम नाम से भजन कीर्तन पूरा माहौल भक्तिमय होगा। अनुमान है कि इस ध्वजा यात्रा में करीब 30 हजार से ज्यादा लोग शामिल होंगे, जिसमें करीब 15 हजार महिलाएं होंगी। साथ में 1000 से ज्यादा डमरूओं की थाम से गुंजायमान वातावरण में राम नाम संकीर्तन किया जाएगा।
कहां से निकलेगी हनुमान ध्वज यात्रा
श्री हनुमत सेवा समिति के द्वारा निकलने वाली यह ध्वजा यात्रा भिखारीपुर तिराहे से शुरू होकर नेवादा, सुंदरपुर, नरिया, बीएचयू और लंका मार्ग से होते हुए संकट मोचन मंदिर पहुंचकर समाप्त होगी। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर भक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही, इस अवसर पर भगवान हनुमान को 501 किलो लड्डू का भोग अर्पित किया जाएगा, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान


