हनुमान जयंती 2026: भगवान हनुमान के इन 108 नामों का जाप करने से मिलेंगे कई लाभ, ना करें पूजा से जुड़ी ये 3 गलतियां
2 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जा रही है। इस खास दिन पर विधि विधान के साथ हनुमान जी की पूजा की जाए तो कई लाभ मिलते हैं। आइए जानते हैं उनके 108 नामों के जाप से मिलने वाले लाभ के बारे में। साथ ही जानेंगे कि इनकी पूजा के दौरान किन गलतियों से हमें बचना चाहिए?

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती का इंतजार बजरंगबली के हर भक्त को है। 2 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। हनुमान जयंती को भगवान हनुमान के जन्म के उत्सव के रूप में मनाते हैं। हिंदू धर्म में हनुमान जयंती की पूजा को काफी महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से की गई पूजा की वजह से जिंदगी से हर तरह के भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती हैं। वहीं इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने और भगवान के नाम का 108 बार जाप करने से कई लाभ मिलते हैं। आइए जानते हैं कि कि भगवान के 108 नाम कौन से हैं और इसके लाभ के बारे में भी जानेंगे। साथ ही जानेंगे उन 3 कॉमन गलतियों को जो अक्सर लोग हनुमान जी की पूजा के वक्त करते हैंं।
हनुमान जी के 108 नामों के जाप से लाभ
भगवान हनुमान के 108 नामों का जाप करने बहुत ही शुभ होता है। इनके जाप से ना सिर्फ भय और चिंता दूर होती है बल्कि कॉन्फिडेंस लेवल भी बूस्ट अप होता है। वहीं अगर किसी काम में सफलता चाहिए तो भी इन नामों के जाप से लाभ मिलता है। इनके जाप से जिंदगी में स्थिरता आती है और भक्ति भाव भी मजबूत होता है। ऐसे में हनुमान जयंती के जिन इन 108 नामों का जाप सच्चे और शांत मन से जरूर करना चाहिए।
भगवान हनुमान के 108 नाम
ॐ हनुमते नमः
ॐ श्रीप्रदाय नमः
ॐ वीरा वीराय नमः
ॐ ग्रामवासाय नमः
ॐ जनाश्रयदाय नमः
ॐ रुद्राय नमः
ॐ अनागाय नमः
ॐ अमृत्याय नमः
ॐ मारुतात्मजाय नमः
ॐ धनदायाय नमः
ॐ अकायाय नमः
ॐ वीरये नमः
ॐ वाग्मिने नमः
ॐ पिंगाक्षाय नमः
ॐ वरदाये नमः
ॐ सीता शोकविनाशनाय नमः
ॐ रक्तावाससे नमः
ॐ शिवाय नमः
ॐ निधिपतये नमः
ॐ मुनाय नमः
ॐ शर्वाय नमः
ॐ व्यक्ताव्यक्ताय नमः
ॐ रसाधराय नमः
ॐ पिंगकैशाय नमः
ॐ पिंगरोमने नमः
ॐ श्रुतिगम्याय नमः
ॐ सनातनाय नमः
ॐ पराय नमः
ॐ अव्यक्ताय नमः
ॐ अनादाय नमः
ॐ भगवते नमः
ॐ दैव्याय नमः
ॐ विश्वहेतवे नमः
ॐ निराश्रयाय नमः
ॐ आरोग्यकारते नमः
ॐ विश्वेश्वाय नमः
ॐ विश्वनायकाय नमः
ॐ हरिश्वराय नमः
ॐ विश्वमूर्तये नमः
ॐ विश्वकाराय नमः
ॐ विषडाय नमः
ॐ विश्वात्मनाय नमः
ॐ विश्वाहाराय नमः
ॐ राव्याय नमः
ॐ विश्वचेशलाय नमः
ॐ विश्वसेवाय नमः
ॐ विश्वाय नमः
ॐ विश्वगम्याय नमः
ॐ विश्वाध्ययाय नमः
ॐ बालाय नमः
ॐ वृद्धाध्येय नमः
ॐ युवाय नमः
ॐ कलाधराय नमः
ॐ प्लावंगमय नमः
ॐ कपिशेषताय नमः
ॐ विडयाय नमः
ॐ ज्येष्ठाय नमः
ॐ तटवाय नमः
ॐ वनचराय नमः
ॐ तत्वगामय नमः
ॐ सखये नमः
ॐ अजाय नमः
ॐ अंजनीसूताय नमः
ॐ अवायगराय नमः
ॐ भार्गाय नमः
ॐ रामाय नमः
ॐ रामभक्ताय नमः
ॐ कल्याणाय नमः
ॐ प्रकृतिस्थितिराय नमः
ॐ विश्वंभाराय नमः
ॐ ग्रामासवंताय नमः
ॐ धराधराय नमः
ॐ भुरलोकाय नमः
ॐ भुवरलोकाय नमः
ॐ स्वर्गालोकाय नमः
ॐ महालोकाय नमः
ॐ जनलोकाय नमः
ॐ तापसे नमः
ॐ अव्यायाय नमः
ॐ सत्याय नमः
ॐ ओंकार जन्माय नमः
ॐ प्राणवायेय नमः
ॐ व्यापकाय नमः
ॐ अमलाय नमः
ॐ शिवधर्मा-प्रतिष्ताय नमः
ॐ रामेशत्राताय नमः
ॐ फाल्गुनप्रियाय नमः
ॐ राक्षोधनाय नमः
ॐ पंदारिकाक्षायाय नमः
ॐ दिवाकाराय नमः
ॐ समप्रभाय नमः
ॐ द्रोणहर्ताय नमः
ॐ शक्ति राक्षसाय नमः
ॐ गोसपदिकृतिसाय नमः
ॐ वारिशाय नमः
ॐ पूर्णकमाय नमः
ॐ धरा दिपाय नमः
ॐ शक्ति राक्षसाय नमः
ॐ मारकाय नमः
ॐ रामदूताय नमः
ॐ कृष्णाय नमः
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
ॐ जानकीपराणदाताय नमः
ॐ रक्षप्राणहारकाय नमः
ॐ पूर्णाय नमः
ॐ सत्याय नमः
ॐ पितावाससेय नमः
ॐ देवाय नमः
ॐ वायुपुत्राय नमः
ॐ अजराय नमः
भगवान हनुमान की पूजा में ना करें ये गलतियां
1. हनुमान जयंती वाले दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहन लें और पूजा घर को साफ कर लें। भगवान की पूजा में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। तन के साथ-साथ मन की शुद्धता भी जरूरी है।
2. हनुमान जयंती के दिन गलती से भी तामसिक भोजन का सेवन ना करें। भगवान हनुमान के लिए सात्विक भोजन का भोग लगाया जाता है। इस दिन बूंदी और बेसन के लड्डू समेत केले का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इस दिन मांस-मदिरा और लहसुन-प्याज वाले खाने से दूर रहें।
3. भगवान हनुमान की पूजा शांत मन से करनी चाहिए। मन एकाग्र करके ही पूजा की शुरुआत करें। जल्दबाजी में की गई पूजा का पूरा फल नहीं मिलेगा। ऐसे में कोशिश करें कि आपका मन ना भटकें और आप शांति से पूजा कर पाएं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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