Hanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल किस दिन मनाई जाएगी हनुमान जयंती? जानिए बजरंगबली की पूजा विधि और उपाय

Mar 07, 2026 05:57 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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साल 2026 में हनुमान जयंती की तिथि को लेकर कुछ भ्रम हो सकता है, इसलिए आइए पंचांग के अनुसार सही तारीख, पूजा विधि, उपाय और धार्मिक महत्व विस्तार से जानते हैं।

Hanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल किस दिन मनाई जाएगी हनुमान जयंती? जानिए बजरंगबली की पूजा विधि और उपाय

सनातन परंपरा में हनुमान जयंती एक महापर्व है, जो चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। यह पावन अवसर अंजनिपुत्र हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो शक्ति, भक्ति, निष्ठा और राम-भक्ति के प्रतीक हैं। हनुमान जी की उपासना से सभी प्रकार के कष्ट, भय और नकारात्मकता दूर होती है तथा आत्मबल, आत्मविश्वास और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। साल 2026 में हनुमान जयंती की तिथि को लेकर कुछ भ्रम हो सकता है, इसलिए आइए पंचांग के अनुसार सही तारीख, पूजा विधि, उपाय और धार्मिक महत्व विस्तार से जानते हैं।

हनुमान जयंती 2026 की सही तिथि और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल 2026, दिन - बुधवार को प्रातः 7:06 बजे शुरू होगी और 2 अप्रैल 2026, दिन - गुरुवार को प्रातः 7:41 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

हनुमान जयंती की पूजा विधि

हनुमान जयंती पर पूजा विधि-विधान से करनी चाहिए। सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल या हनुमान मंदिर में जाकर सबसे पहले हनुमान जी को जल अर्पित करें। फिर लाल रंग का वस्त्र, लाल पुष्प, रोली, चंदन, जनेउ, अक्षत, धूप, दीपक और नैवेद्य अर्पित करें। नैवेद्य में बूंदी के लड्डू, चूरमा, फल, पान, सुपारी और इलायची विशेष रूप से चढ़ाएं।

पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का कम से कम 7, 11 या 108 बार पाठ अवश्य करें। इसके बाद सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। पूजा के अंत में हनुमान जी की आरती करें और प्रभु श्री राम की भी विशेष पूजा करें, क्योंकि हनुमान जी उनके परम भक्त हैं। व्रत रखने वाले भक्त संकल्प लेकर दिनभर फलाहार करें। शाम को आरती के बाद प्रसाद वितरण करें। इस विधि से पूजा करने पर बजरंगबली की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

हनुमान जयंती पर विशेष उपाय

सिंदूर का चोला: हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाएं और मीठा पान अर्पित करें। इससे विशेष कृपा प्राप्त होती है।

पाठ: सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। इससे संकट दूर होते हैं और मनोकामना पूर्ण होती है।

मंत्र जाप: 'ॐ हं हनुमते नमः' या 'ॐ रामदूताय विद्महे, कपिराजाय धीमहि, तन्नो हनुमान प्रचोदयात्' का 108 बार या अधिक जप करें।

दान: लाल कपड़ा, गुड़, चना, लाल फूल या लड्डू गरीबों को दान करें।

रक्षा के लिए: हनुमान जी के चित्र को घर के मुख्य द्वार पर लगाएं।

ये उपाय शत्रु नाश, रोग मुक्ति और सफलता के लिए विशेष फलदायी हैं।

हनुमान जयंती पर क्या करें और क्या ना करें

सुबह जल्दी उठकर पूजा करें।

हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ करें।

लाल वस्त्र पहनें और लाल प्रसाद अर्पित करें।

राम नाम का जप करें।

क्या ना करें:

मांस-मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें।

क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचार ना करें।

पूजा में लापरवाही ना बरतें।

हनुमान जयंती 2026 में 2 अप्रैल को बजरंगबली की पूजा कर उनकी कृपा प्राप्त करें। उनकी भक्ति से जीवन के सभी संकट दूर होंगे और शक्ति-भक्ति का संचार होगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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