हनुमान जन्मोत्सव पर जरूर करें हनुमान जी की ये आरती और फिर लगाएं ये भोग

Apr 02, 2026 07:40 am ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर जन्मे पवनपुत्र हनुमान को कलयुग का जागृत देव माना जाता है। त्रेता युग में माता अंजनी की कोख से जन्मे हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं।

हनुमान जन्मोत्सव पर जरूर करें हनुमान जी की ये आरती और फिर लगाएं ये भोग

आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर जन्मे पवनपुत्र हनुमान को कलयुग का जागृत देव माना जाता है। त्रेता युग में माता अंजनी की कोख से जन्मे हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा, आरती और भोग लगाने से जीवन के दुख-दर्द कम होते हैं और नकारात्मकता दूर होती है।

घर पर ऐसे करें पूजा और आरती

सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें। हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। लाल फूल, सिंदूर और प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धा से आरती करें।

हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Aarti)

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।

अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतन के प्रभु सदा सहाई।।

दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए।।

लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।।

लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।।

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।।

पैठि पाताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।।

बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।।

सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।।

कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।।

लंका विध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।

श्री राम स्तुति-

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।

नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।

पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।

रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।

आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।

मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।

करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।

तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।

मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

कौन-सा भोग लगाएं- हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान जी को बूंदी, बेसन के लड्डू, गुड़ और काला चना चढ़ाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा चूरमा, फल और मीठे प्रसाद भी अर्पित किए जा सकते हैं।

हनुमान जी को सिर्फ सात्विक चीजों का ही भोग लगाया जाता है। इसलिए घर में जो भी भोग तैयार करें, वह पूरी तरह सात्विक होना चाहिए। लहसुन-प्याज रहित भोजन, फल, मिठाई और शुद्ध घी से बनी चीजें ही चढ़ाएं।

भोग लगाने के बाद उसे प्रसाद के रूप में सभी लोगों में बांटना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से सात्विक भोग अर्पित करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!