Hanuman Chalisa Quiz: हनुमान चालीसा से जुड़े इन सवालों के जवाब जानते हैं आप? अभी करें अपना टेस्ट
Hanuman Chalisa Quiz: हनुमान चालीसा को लेकर लोगों की आस्था काफी गहरी है। देशभर में करोड़ों लोग रोजाना या फिर खास दिनों पर इसका पाठ करते हैं। माना जाता है कि भगवान हनुमान की कृपा पाने का यह सबसे आसान तरीका है।

Hanuman Chalisa Quiz: हनुमान चालीसा को लेकर लोगों की आस्था काफी गहरी है। देशभर में करोड़ों लोग रोजाना या फिर खास दिनों पर इसका पाठ करते हैं। माना जाता है कि भगवान हनुमान की कृपा पाने का यह सबसे आसान तरीका है। मंगलवार और शनिवार को तो खासतौर पर इसका पाठ किया जाता है।
अगर आप भी खुद को हनुमान भक्त मानते हैं, तो इन सवाल-जवाब के जरिए अपनी जानकारी चेक कर सकते हैं।
सवाल: हनुमान चालीसा की रचना किसने की थी?
जवाब: इसे संत कवि गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था, जो रामभक्ति के बड़े कवि माने जाते हैं।
सवाल: यह कब लिखी गई थी?
जवाब: आम तौर पर माना जाता है कि इसकी रचना 16वीं शताब्दी में हुई थी।
सवाल: हनुमान चालीसा कहां लिखी गई थी?
जवाब: इसको लेकर अलग-अलग बातें कही जाती हैं। कुछ मानते हैं कि तुलसीदास ने इसे कैद के दौरान लिखा, जबकि कई लोग कहते हैं कि यह वाराणसी में रची गई।
सवाल: इसमें कितनी चौपाइयां होती हैं?
जवाब: इसमें कुल 40 चौपाइयां हैं, इसी वजह से इसे चालीसा कहा जाता है।
सवाल: इसकी शुरुआत किस दोहे से होती है?
जवाब: “श्रीगुरु चरन सरोज रज…” से इसका आरंभ होता है, जो गुरु की महिमा बताता है।
सवाल: पहली चौपाई कौन सी है?
जवाब: “जय हनुमान ज्ञान गुन सागर…” पहली चौपाई है, जिसे ज्यादातर लोग जानते हैं।
सवाल: डर लगने पर कौन सी चौपाई याद की जाती है?
जवाब: “भूत पिशाच निकट नहीं आवै…” को लोग ऐसे समय में पढ़ते हैं। मान्यता है कि इससे डर कम होता है।
सवाल: मुश्किल समय में कौन सी चौपाई पढ़ते हैं?
जवाब: “संकट कटै मिटै सब पीरा…” चौपाई संकट के समय पढ़ी जाती है।
सवाल: कितनी बार पाठ करने की बात कही गई है?
जवाब: चालीसा में ही जिक्र है कि 100 बार पाठ करने से बंधनों से मुक्ति मिल सकती है।
सवाल: हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या फायदा होता है?
जवाब: माना जाता है कि इससे मन को शांति मिलती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और काम पूरे होने में मदद मिलती है।
सवाल: इसे पढ़ने का सही तरीका क्या है?
जवाब: मन लगाकर, ध्यान के साथ और श्रद्धा से इसका पाठ करना चाहिए।
सवाल: आखिरी चौपाई कौन सी है?
जवाब: “तुलसीदास सदा हरि चेरा…” से इसका समापन होता है।
सवाल: किस दिन पाठ करना अच्छा माना जाता है?
जवाब: मंगलवार और शनिवार को इसका पाठ ज्यादा किया जाता है और इसे शुभ माना जाता है।
सवाल: क्या इससे ग्रह दोष भी शांत होते हैं?
जवाब: ऐसी मान्यता है कि मंगलवार को पढ़ने से मंगल दोष और शनिवार को पढ़ने से शनि का असर कम होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।
करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर
योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।
एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य
योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।
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