Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा का पाठ करने का उत्तम समय क्या है? जानें सही विधि व नियम
Hanuman chalisa kis samay padhna chahiye: ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना गया है। कई लोग प्रतिदिन, तो कुछ लोग मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। जानें हनुमान चालीसा पढ़ने का सही समय क्या है, विधि व नियम।

Best time to read Hanuman Chalisa in morning and evening: हनुमान जी की कृपा पाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत लाभकारी माना गया है। कई लोग हनुमान चालीसा नियमित पढ़ते हैं, जबकि कई लोग मंगलवार या शनिवार को ही हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति व स्थिरता प्राप्त होती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हनुमान चालीसा पढ़ने का सही समय व सही विधि क्या है। जानें हनुमान चालीसा का पाठ कब करना चाहिए और क्या है पाठ का सही तरीका।
हनुमान चालीसा पढ़ने का उत्तम समय क्या है-
ब्रह्म मुहूर्त- ज्योतिष के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4-5 बजे) का समय पूजा-पाठ व मंत्र आदि के जप के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन शांत होता है और पाठ के फलों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
सूर्यास्त के समय- सूर्यास्त के समय हनुमान चालीसा का पाठ भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस समय हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती है। इसके अलावा आप रात को सोने से पहले भी हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से बुरे सपने व मन का भय समाप्त होता है।
हनुमान चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान चालीसा का पाठ 1, 7, 11, 21, या 108 बार पाठ करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा मनवांछित फल के लिए 7, 11 या 21 दिनों तक लगातार पाठ करने का संकल्प लिया जा सकता है।
हनुमान चालीसा पढ़ने की विधि -
1. हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए सबसे पहले पूजा घर को साफ करें।
2. स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
3. अब भगवान श्रीगणेश व भगवान राम का ध्यान करते हुए हनुमान जी की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं।
4. शांत मन व भक्ति भाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें।
5. पाठ खत्म होने पर हनुमान जी को बूंदी या गुड़-चना का भोग लगाएं।
6. अंत में हाथ जोड़कर भूलचूक के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
हनुमान चालीसा पाठ के नियम- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान चालीसा का पाठ करते समय आपका मुख पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


