Hal shashti vrat: आज हरछठ व्रत में इन 4 बातों का जरूर रखें ध्यान, वरना नहीं मिलेगा व्रत का पूर्ण फल

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Hal shashti vrat 2026 niyam: हिंदू धर्म में हल षष्ठी व्रत का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यह व्रत माताएं अपने संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। हलछठ व्रत में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। जानें व्रत में किन बातों का रखें ध्यान।

Harchat 2026 kab hai
हरछठ व्रत नियम 2026

Harchat 2026 kab hai: भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हरछठ का त्योहार मनाया जाता है। इस साल हरछठ 2 सितंबर 2026, बुधवार को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। इस दिन महिलाएं अपने संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए उपवास रखती हैं। इसे हलछठ, हलषष्ठी, ललई छठ या ललही छठ के नाम से भी जानते हैं। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान की संकटों से रक्षा होती है। हरछठ व्रत में महिलाएं अपने हर पुत्र के लिए छह छोटे मिट्टी के बर्तनों में पांच या सात भुने हुए अनाज या मेवा भरती हैं। इस व्रत में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के साथ ही कुछ व्रत नियमों का पालन भी अनिवार्य होता है। अगर आप व्रत करने वाली हैं, तो जानें हरछठ व्रत में किन बातों या नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

1. अनाज का सेवन नहीं करें:

हरछठ या हलछठ व्रत में ऐसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए जो हल जोतकर उगाई जाती है। इस दिन महिलाओं को किसी भी अनाज को नहीं खाना चाहिए। इस जिन हल से जोती गई सब्जियों या कंद मूल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही तामसिक भोजन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस व्रत में आप ऐसे फलाहार का सेवन कर सकते हैं जो पानी में उगते हों।

2. गाय के दूध से बनी चीजें नहीं खाएं:

हरछठ व्रत बलराम जी के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। बलराम जी को गाय प्रिय थीं, इसलिए इस दिन गायों को भी सम्मान दिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गाय का पूरा दूध बछड़े को ही पिलाना चाहिए और गाय के दूध से बनी किसी भी चीज को नहीं खाना चाहिए।

3. बाल या नाखून नहीं काटें:

हलषष्ठी व्रत में बाल या नाखून नहीं काटना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसके अलावा इस दिन पेड़-पौधों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। इस दिन सुई-धागे से जुड़ा कोई काम नहीं करना चाहिए।

4. कटुवचन या झूठ नहीं बोलें:

हलछठ व्रत में किसी के लिए कटुवचन नहीं बोलने चाहिए। इस दिन झूठ बोलने या किसी का अपमान करने से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस दिन घर की चौखट पर आए किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत का पुण्य फल संपूर्ण रूप से नहीं मिलता है।

हरछठ व्रत में क्या खाना चाहिए:

हरछठ व्रत में सिर्फ भैंस के दूध, दही और घी का सेवन किया जाता है। पानी में उगने वाला सिंघाड़ा, महुआ और पसही (तीना) का चावल खाया जा सकता है।

हरछठ व्रत कब खोला जाता है:

हरछठ या हलषष्ठी का व्रत शाम को पूजा और कथा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोला जाता है। कुछ जगहों पर व्रत पारण के लिए दही-चावल ग्रहण करके व्रत खोलने का विधान है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


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परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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