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Guruwar Vrat Niyam: कैसे करें गुरुवार व्रत की शुरुआत? जानिए नियम और लाभ

Guruwar Vrat Niyam: कैसे करें गुरुवार व्रत की शुरुआत? जानिए नियम और लाभ

संक्षेप:

Guruwar vrat niyam: कई लोग गुरुवार के दिन व्रत रखते हैं। मान्यतानुसार, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए होता है। साथ ही इस दिन बृहस्पति देव की पूजा का विधान है। ऐसे में इस दिन व्रत रखने से ना सिर्फ भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि गुरु दोष मिटता है।

Jan 15, 2026 09:33 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, हर एक दिन किसी ना किसी देवी-देवता या ग्रह से संबंधित होता है। इसलिए हर दिन व्रत रखने का विधान है। कई लोग गुरुवार के दिन व्रत रखते हैं। मान्यतानुसार, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए होता है। साथ ही इस दिन बृहस्पति देव की पूजा का विधान है। ऐसे में इस दिन व्रत रखने से ना सिर्फ भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि गुरु दोष मिटता है। मान्यता है कि कमजोर गुरु के कारण संतान को कष्ट, विवाह में अड़चन, वैवाहिक जीवन में परेशानियों से लेकर धन हानि का सामना तक करना पड़ सकता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि गुरुवार व्रत का नियम क्या है और इससे क्या-क्या लाभ मिलता है।

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गुरुवार व्रत नियम
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गुरु बृहस्पति को ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार का व्रत बेहद पुण्यदायी माना गया है। अगर आप गुरुवार व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आप इसकी शुरुआत किसी भी महीने की शुक्ल पक्ष के पहले पड़ने वाले गुरुवार से कर सकते हैं। मान्यता है कि करीब 16 गुरुवार व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसके बाद आप इस व्रत का उद्यापन कर सकते हैं।

गुरुवार पूजा विधि
- गुरुवार के दिन व्रत शुरू करने के लिए आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- इस दिन पीले वस्त्र धारण करें।
- एक वेदी पर बृहस्पति देव और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
- पंचामृत से स्नान करवाएं फिर गोपी चंदन व हल्दी का तिलक लगाएं। उसके बाद दीपक जलाएं।
- गुड़, चने की दाल, मुनक्का और केले का भोग लगाएं।
-गुरुवार व्रत कथा सुनें और भगवान बृहस्पति भगवान की आरती करें।
- गुरुवार के दिन तामसिक चीजों का सेवन न करें। व्रत में हुई गलती के लिए क्षमा याचना करें।
-इस दिन केले के पौधे की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इसमें भगवान विष्णु का वास होता है।

गुरुवार के दिन इन मंत्रों का करें जाप-

ॐ बृं बृहस्पतये नम:।

ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।

ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:।

ॐ गुं गुरवे नम:।

गुरुवार व्रत के फायदे
- गुरुवार के दिन व्रत रखने से धन, समृद्धि, संतान और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
- इस दिन का व्रत रखने से वैवाहिक जीवन से जुड़ी सभी मुश्किलें दूर होती हैं।
- इस व्रत से माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- इस व्रत को करने से कुंडली से अशुभ ग्रहों का प्रभाव समाप्त होता है।
- गुरुवार का व्रत रखने से व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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