गुरु पूर्णिमा पूजा कैसे करें, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Guru Purnima Timing 2026 Pooja : गुरु पूर्णिमा के पर्व को गुरुओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के रूप में मनाया जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर अपने-अपने गुरु जनों का पूजन अवश्य करना चाहिए।

Guru Purnima Timing 2026 How to do Guru Purnima Pooja
गुरु पूर्णिमा पूजा कैसे करें?

Guru Purnima Timing 2026 Pooja, गुरु पूर्णिमा पूजा : इस साल आषाढ़ मास में गुरु पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाये जाने वाली गुरु पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। गुरु पूर्णिमा के पर्व को गुरुओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के रूप में मनाया जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर अपने-अपने गुरु जनों का पूजन अवश्य करना चाहिए। गुरु का स्थान सर्वोत्तम माना गया है। इसलिए गुरुओं का पूजन करें। आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त -

गुरु पूर्णिमा पूजा कैसे करें, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

गुरु पूर्णिमा पूजा कैसे करें?

गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान कर पीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। घर के ईशान कोण में चौकी स्थापित कर महर्षि वेदव्यास, अपने गुरुदेव और भगवान विष्णु व शिव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। रोली, चंदन, अक्षत, पीले पुष्प, फल व मिष्ठान अर्पित करें। गुरु के चरणों का ध्यान कर उन्हें प्रणाम करें। इसके बाद ‘ॐ गुरुभ्यो नमः’ और ‘ॐ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। अंत में कपूर से आरती करें। परिवार के बड़े-बुजुर्गों और अपने गुरुओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें।

गुरु पूर्णिमा का महत्व: क्यों मनाते हैं गुरु पूर्णिमा

इस पावन तिथि पर चारों वेदों और महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। उन्हें आदिगुरु माना जाता है। इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपना प्रथम उपदेश दिया था। इसलिए बौद्ध धर्म में भी इस पर्व का विशेष महत्व है।

गुरु पूर्णिमा पर किस मुहूर्त में करें पूजा-पाठ?

आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 28 जुलाई 2026 को शाम में 6.19 बजे होगा और समापन 29 जुलाई 2026 को रात में 8.05 बजे तक होगा। उदयातिथि के अनुसार, बुधवार को 29 जुलाई 2026 के दिन गुरु पूर्णिमा का स्नान, दान और व्रत किया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन के लिए उत्तम समय सुबह 04:05 से 08:51 बजे तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में गुरु पूजन, मंत्र जाप, ध्यान, दान-पुण्य करना शुभ रहेगा। इस दिन सत्यनारायण कथा सुनना बहुत फलदायी माना गया है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

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