गुरु पूर्णिमा 2026: बुधादित्य राजयोग, हंस और शश योग में पूर्णिमा तिथि, क्या है पूजा का मुहूर्त

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purnima puja muhurat: किस दिन आषाढ़ मास की पूर्णिमा शुरू हो रही है। इस दिन ग्रहों का क्या योग रहेगा और पूजा के लिए खास मुहूर्त किस दिन है।

गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा का पर्व अपने साथ कई दुर्लभ योग लेकर आ रहा है। ग्रहों की स्थिति भी इतनी अच्छी है कि ग्रहों का संयोग कई राजयोग बना रहा है। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेगा, पू्र्णिमा के कारण चंद्रमा की स्थिति भी अच्छी है और सूर्य का नक्षत्र होने से गुरु पूर्णिमा का खास प्रभाव बना रहेगा। इस दिन गुरु दीक्षा लेनी चाहिए और जिनके गुरु हैं, वो अपने के चरण स्पर्श करके उनसे आशीर्वाद लें और गुरु का सम्मान करें कि आपने जो कुछ पाया है वो गुरु के बताए रास्ते कारण पाया है।

कौन से दुर्लभ योग बन रहे हैं गुरु पूर्णिमा पर

गुरु पूर्णिमा पर कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। इस दिन सूर्य और बुध के एक राशि में होने से बुधादित्य राजयोग तो बन ही रहा है , वहीं बुधादित्य राजयोग 28 जुलाई को शुरू होगा और 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक कार्यों के लिए ये योग अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। इस दिन शश राजयोग भी बन रहा है। इस दिन नक्षत्रों की बात की जाए।कहा जा रहा है कि 56 साल के बाद ऐसा योग बना है। कहा जाता है कि इन शुभ योगों में जो भी काम किया जाएगा उसका उत्तम फल मिलेगा। और ध्यान, मंत्र जप और ज्ञानार्जन के लिए अत्यंत शुभ फलदायी होते हैं।

क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा का पर्व इसलिए मनाया जाता है कि इस दिन वेदों के ज्ञाता महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है, इसके अलावा भगवान शिव ने ‘आदि गुरु’ के रूप में सप्तऋषियों को योग का ज्ञान भी इसी तिथि पर दिया था। सारनाथ में भगवान बुद्ध ने इसी दिन अपना पहला उपदेश दिया था।

कब से शुरू हो रही है पूर्णिमा तिथि

आपको बता दें कि गुरु पूर्णिमा की तिथि 28 जुलाई को शाम 06:18 बजे से शुरू होगी। 29 जुलाई को रात 08:05 बजे तक तिथि रहेगी। उदयातिथि में 29 जुलाई को पूर्णिमा तिथि मिलने के कराण गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।इस दिन सत्यनारायण व्रत करना चाहते हैं तो मुहूर्त भोर में 05:41 से प्रात: 09:47 बजे तक है। इस समय गुरु पूजन भी कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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