
वक्री गुरु साल मार्च 2026 तक मिथुन राशि में, जानें इन 6 राशियों पर क्या दिखाएंगे असर?
Guru gochar jupiter transit: मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर 2025 दिन बृहस्पतिवार को दिन में 10:30 बजे के बाद देवगुरु बृहस्पति वक्री गति से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर 2025 दिन बृहस्पतिवार को दिन में 10:30 बजे के बाद देवगुरु बृहस्पति वक्री गति से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। वर्तमान में देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में वक्री गति से गोचर कर रहे हैं। परंतु 4 दिसंबर को दिन में 10:30 के बाद से बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। जहां पर देवगुरु बृहस्पति 10 मार्च 2026 दिन मंगलवार को मिथुन राशि में ही मार्गी हो जाएंगे। इस प्रकार देवगुरु बृहस्पति 4 दिसंबर 2025 से लेकर 10 मार्च 2026 तक मिथुन राशि में वक्री गति से गोचर करेंगे। उसके बाद फिर मार्गी गति से गोचर आरंभ करेंगे। आइए जानें वक्री गति से चलकर गुरु किन राशियों को देंगे लाभ के योग
बृहस्पति के इस परिवर्तन का सभी राशियों पर एवं लग्नो पर व्यापक प्रभाव दिखाई देगा।
मेष : कार्यो में भाग्य का साथ प्राप्त होगा। पिता के सहयोग सानिध्य में वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति का लाभ प्राप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। आय के संसाधनों में वृद्धि होगा। राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ प्राप्त होगा । दांपत्य सुख में मधुरता बढ़ेगी। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। नए प्रेम संबंध स्थापित हो सकते हैं। साझेदारी के कार्यों से लाभ होगा। भाई बहनों तथा मित्रों पर खर्च बढ़ेगा। सामाजिक उन्नति एवं दिखावे पर खर्च बढ़ेगा। आंतरिक डर में वृद्धि होगी।
वृष : नौकरी व्यवसाय तथा सामाजिक पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन स्थानांतरण एवं नई धातु की प्राप्ति संभव है। आंतरिक शत्रुओं में वृद्धि होगी। अति घनिष्ठ व्यक्ति को लेकर तनाव सम्भव। एलर्जी की समस्या में वृद्धि होगी। धन संग्राम में अवरोध सम्भव। पारिवारिक कार्यों पर खर्च में वृद्धि होगी। पारिवारिक उन्नति की स्थिति बनेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा। अचानक धन लाभ की प्राप्ति हो सकती है। लीवर की समस्या के कारण तनाव बढ़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। वाणी व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ भी मिलेगा।
मिथुन :-बौद्धिक क्षमता का सार्थक प्रयोग होगा। अध्ययन अध्यापन में वृद्धि होगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा। संतान की उन्नति से मन प्रसन्न रहेगा । धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। पिता का सुख सानिध्य प्राप्त होगा। ईश्वर की कृपा प्राप्त होगी । मानसिक विचलन या द्वंद्व की स्थिति उत्पन्न होगी। साझेदारी के कार्यों में वृद्धि होगी। दांपत्य जीवन में सुधार होगा। प्रेम संबंधों में वृद्धि होगी। आय के नए संसाधन अथवा दैनिक आय में वृद्धि होगी।
कर्क : गृह एवं वाहन वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा रियल स्टेट, कंस्ट्रक्शन, मोटर वाहन, ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ प्राप्त होगा। अति घनिष्ठ व्यक्तियों से तनाव हो सकता है। विदेशी यात्रा में वृद्धि हो सकती है। धार्मिक कार्यों का खर्च बढ़ सकता है। मानसिक एवं शारीरिक ऊर्जा में कमी हो सकती है। पेट की आंतरिक समस्या के कारण तनाव हो सकता है। अधिक परिश्रम का परिणाम कम प्राप्त होगा। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय अनुकूल रहेगा। शत्रुओं में वृद्धि एवं शत्रुओं पर विजय की स्थिति बनेगी।
सिंह : आर्थिक उन्नति के लिए अधिक श्रम करना पड़ेगा। शेयर बाजार, सट्टा बाजार के क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष रूप से संभल कर रहने की आवश्यकता होगी । निवेश करते समय ध्यान अवश्य रखें। संतान की प्रगति से मन प्रसन्न रहेगा। अध्ययन अध्यापन एवं डिग्री के लिए समय अनुकूल रहेगा। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। प्रेम संबंधों में सुधार आएगा। नए प्रेम संबंध स्थापित हो सकते हैं। साझेदारी के कार्यों से लाभ प्राप्त होगा। दैनिक आय एवं लाभ में वृद्धि होगी। दैनिक रोजगार में वृद्धि होगी। राजनीतिक लाभ में वृद्धि होगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा एवं सम्मान में वृद्धि होगा।
कन्या : आलस्य में वृद्धि होगी। धन संबंधित कार्यों में प्रगति होगा। गृह एवं वाहन सुख में वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। आंतरिक शत्रुओं में वृद्धि होगी। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। प्रेम संबंधों में वृद्धि होगी। वाणी व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है। जीवनसाथी को चोट अथवा ऑपरेशन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। साझेदारी के कार्यों में लाभ की स्थिति बनती हुई दिखाई देगी।





