गुरु गोचर का शनि ढैय्या से पीड़ित सिंह और धनु राशि के लिए कैसा रहेगा? 31 अक्टूबर तक मिलेंगे कैसे फल

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Guru Gochar Effect on Singh and Dhanu Rashi: धन-संपदा के कारक गुरु 2 जून 2026 को अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर लिया है। जानें गुरु गोचर का शनि ढैय्या से पीड़ित सिंह और धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा?

गुरु गोचर का शनि ढैय्या से पीड़ित सिंह और धनु राशि के लिए कैसा रहेगा? 31 अक्टूबर तक मिलेंगे कैसे फल

Singh aur Dhanu Rashi Par Guru Rashi Parivartan Effect 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु (बृहस्पति) को भाग्य, शिक्षा, संतान, धन और ज्ञान का कारक माना गया है। गुरु 12-13 महीने में एक राशि से दूसरी राशि में आते हैं। 2 जून 2026 को गुरु ने कर्क राशि में गोचर किया है और 31 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। गुरु को कर्क राशि में उच्च का माना जाता है। गुरु के कर्क गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि कई बार गुरु का गोचर शनि ढैय्या से पीड़ित राशियों के लिए 'संजीवनी' यानी राहत का काम करता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि गुरु राशि परिवर्तन से शनि ढैय्या से प्रभावित राशियों को मानसिक तनाव से राहत, आर्थिक परेशानी से निजात और कार्यों की अड़चनें दूर होती हैं। इस समय सिंह और धनु राशि पर शनि ढैय्या का प्रभाव है। जानें पंडित नरेंद्र उपाध्याय से गुरु का कर्क गोचर शनि ढैय्या से प्रभावित सिंह और धनु राशि के लिए कैसा रहेगा।

गुरु गोचर शनि ढैय्या से पीड़ित राशियों पर क्या प्रभाव डालता है:

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, शनि न्याय देवता है। हर व्यक्ति को उनके कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं। लेकिन जब गुरु का गोचर होता है, तो शनि के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं। शनि ढैय्या मानसिक परेशानी और चिंता देती है। लेकिन गुरु की शुभ दृष्टि जातक को धैर्य और सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। ढैय्या के कारण धन के आगमन में बाधाएं आती हैं। जबकि गुरु गोचर से खर्चों में कमी आ सकती है और धन लाभ के नए रास्ते खुलने लगते हैं। शनि कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए संघर्ष करवाते हैं, जबकि गुरु नौकरी और व्यापार में उन्नति के मार्ग खोलते हैं। ढैय्या से पीड़ित राशियों को सेहत से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जबकि गुरु गोचर शुभ फल प्रदान करता है, जिससे स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलता है।

शनि ढैय्या से पीड़ित सिंह और धनु राशि के लिए गुरु गोचर का प्रभाव-

पंडित उपाध्याय के अनुसार, गुरु ने सिंह राशि के 12वें भाव में गोचर किया है और धनु राशि के अष्टम भाव में आए हैं। गुरु का गोचर सिंह और धनु राशि के लिए थोड़ा मध्यम रहने वाला है लेकिन बहुत परेशानी वाली कोई बात नहीं है। सिंह और धनु राशि के धन की स्थिति में पहले की तुलना में सुधार देखने को मिलेगा। सेहत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। करियर में सफलता प्राप्त होगी लेकिन थोड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रेम-संबंधों में धीरे-धीरे सुधार देखने तो मिलेगा। गुरु गोचर के प्रभाव से सिंह और धनु राशि वालों को स्थिरता और ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है। कुल मिलाकर गुरु गोचर आपके लिए एक ढाल का काम कर सकता है।

शनि ढैय्या के प्रभाव को कम करने के उपाय-

1. शनि ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए नियमित रूप से हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

2. सोमवार को शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना चाहिए।

3. शनि ढैय्या के अशुभ प्रभावों से बचाव के लिए शनिवार के दिन गरीब या जरूरतमंद को काले वस्त्र, जूते या काली उड़द की दाल का दान करना चाहिए।

4. शनि को प्रसन्न करने के लिए नियमित रूप से 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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