जन्म कुंडली में गुरु चांडाल योग बनने से रूक जाती है तरक्की, क्या है इसके लक्षण और उपाय

Mar 16, 2026 01:52 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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जन्म कुंडली में गुरु चांडाल योग बनने से तरक्की रुक जाती है। जानिए इसके प्रमुख लक्षण, करियर-वैवाहिक जीवन पर प्रभाव और सरल उपाय। गुरु राहु योग से बचने के मंत्र, दान और जीवनशैली टिप्स पढ़ें।

जन्म कुंडली में गुरु चांडाल योग बनने से रूक जाती है तरक्की, क्या है इसके लक्षण और उपाय

वैदिक ज्योतिष में गुरु चांडाल योग एक ऐसा योग माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की बाधाएं और चुनौतियां लाता है। यह योग तब बनता है, जब गुरु ग्रह राहु या केतु के साथ युति, दृष्टि या संयोग में आता है। गुरु को ज्ञान, धर्म, नैतिकता और सकारात्मकता का कारक माना जाता है, जबकि राहु भ्रम, लालच और असंतुलन का प्रतीक है। इन दोनों का मिलन गुरु की शुभता को कमजोर कर देता है और व्यक्ति को गलत निर्णयों, संघर्षों और तरक्की में रुकावट की ओर ले जाता है। हालांकि, इसका प्रभाव कुंडली के अन्य योगों और ग्रहों पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण और उपाय।

गुरु चांडाल योग कैसे बनता है?

जब कुंडली में गुरु ग्रह राहु या केतु के साथ किसी भाव में बैठा हो या दोनों एक-दूसरे पर दृष्टि डाल रहे हों, तो गुरु चांडाल योग बनता है। विशेष रूप से यदि यह योग लग्न, पंचम, सप्तम, नवम या दशम भाव में हो तो प्रभाव अधिक तीव्र होता है। गुरु नीच का हो या राहु-केतु के साथ युति में हो, तो यह योग और भी प्रबल हो जाता है। राहु गुरु की शुभता को ग्रहण कर लेता है और व्यक्ति के अंदर भौतिकवाद, अनैतिकता और भ्रम की प्रवृत्ति बढ़ा देता है।

इस योग के प्रमुख लक्षण

  • निर्णय लेने में भ्रम और गलतियां - व्यक्ति सही-गलत में उलझ जाता है और कई बार गलत फैसले ले लेता है।
  • नैतिक पतन और अनैतिक कार्य - पराई स्त्रियों में मन लगना, अवैध संबंध, जुआ, सट्टा या अनैतिक व्यापार की ओर झुकाव।
  • तरक्की में रुकावट - मेहनत के बावजूद पद-प्रतिष्ठा, करियर या व्यापार में सफलता नहीं मिलती।
  • स्वभाव में अस्थिरता - जल्दबाजी, क्रोध, हिंसक प्रवृत्ति या चालाकी बढ़ सकती है।
  • रिश्तों में कलह - वैवाहिक जीवन में मतभेद, गलतफहमियां या भावनात्मक दूरी।
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव - पेट, लीवर, पाचन तंत्र या त्वचा संबंधी समस्याएं।

जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव

यह योग जिस भाव में होता है, उस भाव के कारकों को प्रभावित करता है। जैसे लग्न में हो तो व्यक्तित्व पर, सप्तम में हो तो वैवाहिक जीवन पर, दशम में हो तो करियर पर और पंचम में हो तो संतान या बुद्धि पर नकारात्मक असर पड़ता है। व्यक्ति भौतिक सुखों की अधिक चाहत में पड़ जाता है और नैतिकता से समझौता करने लगता है। सामाजिक छवि खराब होने और अपनों से विवाद का भी खतरा रहता है।

गुरु चांडाल योग के उपाय

  • गुरु मंत्र जाप - रोज सुबह ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • बुजुर्गों का सम्मान - गुरुवार को बुजुर्गों के चरण स्पर्श करें और उनका आशीर्वाद लें।
  • पीपल पूजा - पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और शनिवार या गुरुवार को परिक्रमा करें।
  • सात्विक जीवनशैली - मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन से दूर रहें। पीले वस्त्र पहनें और हल्दी का उपयोग बढ़ाएं।
  • दान-पुण्य - गुरुवार को पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी, केला या किताबें दान करें।
  • रत्न धारण - पुखराज (पीला नीलम) धारण करने से लाभ हो सकता है, लेकिन ज्योतिषी से सलाह लें।

सकारात्मक दृष्टिकोण

गुरु चांडाल योग को पूरी तरह नकारात्मक मानना उचित नहीं है। यदि कुंडली में अन्य शुभ योग मजबूत हों तो इसका प्रभाव कम हो जाता है। नियमित उपाय, सात्विक जीवन और सकारात्मक सोच से इस योग के दुष्प्रभाव को बहुत हद तक कम किया जा सकता है।

ज्योतिष केवल संकेत देता है, अंतिम परिणाम व्यक्ति के कर्मों पर निर्भर करता है। इसलिए धैर्य, मेहनत और नैतिकता के साथ आगे बढ़ें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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