5 दिन बाद अस्त होंगे गुरु, कर्क और सिंह समेत सतर्क रहें ये 4 राशियां
Guru Asta 2026: 14 जुलाई को गुरु अस्त होने जा रहे हैं। इस वजह से कुछ राशियों को आने वाले समय में सतर्क रहने की जरूरत है। कर्क और सिंह समेत कुल 4 राशियों को सोच-समझकर फैसला लेना है।

ज्योतिषीय दृष्टि से 14 जुलाई का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन गुरु यानी बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं। मान्यता है कि जब-जब गुरु अस्त होते हैं तो इसका शुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसका असर कुछ राशियों पर गहरा होता है। ऐसे में कुछ लोगों को इस दौरान जल्दबाजी में फैसला लेने या फिर सोच-समझे बिना कुछ भी ना करने की सलाह दी जाती है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस दौरान सब कुछ गलत ही होगा। बस थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत होती है ताकि चीजें ज्यादा ना उलझें। पंडित नरेंद्र उपाध्याय से जानें कि इस दौरान किन 4 राशियों को थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है?
गुरु के अस्त होने से सतर्क रहें ये राशियां
कर्क राशि
गुरु के अस्त होने के बाद चंद्रमा की राशि कर्क को पैसों से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। इनके खर्चे बढ़ सकते हैं। ऐसे में जितना जरूरी हो उस पर ही पैसा लगाएं। अगर किसी चीज में देरी हो रही है या फिर कोई काम अटका हुआ है तो परेशान ना हो बल्कि इस दौरान धैर्य बनाए रखें। धीरे-धीरे सब कुछ आपके पक्ष में आता हुआ नजर आएगा।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों पर भी इसका असर पड़ने वाला है। अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें। ऑफिस मीटिंग में या फिर किसी से भी बहसबाजी ना करें क्योंकि बात फालतू में आगे बढ़ सकती है। आप जितना ज्यादा शांत रहेंगे उतना सही होगा। मेहनत का फल जरूर मिलेगा। बस आपको थोड़ा सब्र रखना होगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों को इस समय किसी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। पैसों का लेन-देन सोच-समझकर ही करें नहीं तो नुकसान होने के चांस हैं। परिवार या दोस्तों के साथ बातचीत में भी धैर्य रखें ताकि छोटी बात बड़ी ना बन पाए।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए ये समय थोड़ा सोच-समझकर कदम बढ़ाने का है। अगर नया काम शुरू करना चाहते हैं या फिर निवेश करने की सोच रहे हैं तो पहले पूरी प्लानिंग कर ले। जल्दबाजी से बचेंगे तो आगे चलकर फायदा मिल सकता है।
इस दौरान करें ये उपाय
1. गुरु अस्त होने के दौरान आप रोज भगवान विष्णु की पूजा करें।
2. इस दौरान आप गुरुवार के दिन पीली चीजों का दान कर सकते हैं।
3. आप अपने से बड़ों और गुरुओं का सम्मान करें।
4. कोई भी बड़ा फैसला बिना सोचे-समझे ना लें।
5. गाय को गुड़ और चने खिलाएं।
6. गुरु के बीज मंत्र का जाप करेंगे तो लाभ मिलेगा।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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