14 जुलाई से अस्त होंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 6 राशियों को रहना होगा संभलकर, पंडित नरेंद्र उपाध्याय से जानें असर

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Guru Asta 2026: 14 जुलाई 2026 से देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार इस दौरान मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के लोगों को नौकरी, कारोबार, निवेश और बड़े फैसलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

Guru Asta 2026:

Guru Asta 2026: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, संतान, विवाह, शिक्षा और भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। जब बृहस्पति अस्त होते हैं तो उनका शुभ प्रभाव कमजोर माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, 14 जुलाई से देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं। इस दौरान कुछ राशियों के लोगों को अपने फैसलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति की कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों को इस दौरान जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। नौकरी और कारोबार में सोच-समझकर कदम उठाएं। पैसों के मामले में लापरवाही नुकसान करा सकती है। परिवार के साथ बातचीत में भी संयम रखें।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। कामकाज में उम्मीद के मुताबिक नतीजे मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। किसी भी कागजी काम या निवेश से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल जरूर कर लें।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। अधिकारियों के साथ बातचीत में धैर्य रखें। किसी बात को लेकर बेवजह तनाव लेने से बचें। सेहत का भी ध्यान रखें और अपनी दिनचर्या बिगड़ने न दें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह समय धैर्य रखने का है। किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें। परिवार और रिश्तों में छोटी-छोटी बातों को बड़ा बनाने से बचें।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी खुद बृहस्पति हैं। ऐसे में इस राशि के लोगों पर इसका असर थोड़ा ज्यादा महसूस हो सकता है। नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लें। किसी नए काम की शुरुआत करने से पहले अच्छी योजना बनाएं।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों को भी इस दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। खर्च बढ़ सकते हैं और कुछ कामों में देरी हो सकती है। किसी भी जरूरी फैसले में जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य और खानपान का भी ध्यान रखें।

क्या करें?

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, बृहस्पति के अस्त रहने के दौरान धैर्य और संयम बनाए रखना सबसे जरूरी है। किसी भी बड़े फैसले से पहले अच्छी तरह विचार करें। धार्मिक कार्यों में रुचि रखें, जरूरतमंदों की मदद करें और गुरु से जुड़ी चीजों का सम्मान करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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