Gupt Navratri: दस महाविद्याओं की आराधना आज से, 23 जुलाई तक चलेंगे
गुप्त नवरात्र को तांत्रिक साधना के लिए खास माना जाता है। हालांकि ग्रहस्थ भी इनमें मां के लिए यज्ञ आदि कर सकते हैं।

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन दुर्गा नवमी के साथ होगा। आमतौर पर गुप्त नवरात्र में माघ मास और आषाढ़मास में आते हैं, इनमें मां के दस विधाओं की पूजा की जाती है। यहां हम आपको बताएंगे कि मां की कौन सी दस महाविधाएं है। इसके अलावा शारदीय और चैत्र नवरात्र आते हैं जिनमें मां के नौ रूपों की अराधना की जाती है। इनमें कलश स्थापना होती है। ग्रहस्थ इन व्रतों को रखते हैं। लेकिन गुप्त नवरात्र को तांत्रिक साधना के लिए खास माना जाता है। हालांकि ग्रहस्थ भी इनमें मां के लिए यज्ञ आदि कर सकते हैं।
कब से शुरू हो रहे हैं गुप्त नवरात्र और कब तक चलेंगे?
पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से प्रारंभ हो रही है। ये 23 जुलाई तक चलेंगे। आपको बता दें कि तांत्रिक ग्रंथों, जैसे मेरु तंत्र और डामर तंत्र में इन नौ दिनों का उल्लेख किया गया है और इन नौ दिनों को विशेष साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
तांत्रिक और साधकों के लिए खास माने जाते हैं गुप्त नवरात्रि
उन्होंने बताया कि जहां सामान्य नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की आराधना का विधान है। यह साधना विशेष रूप से तांत्रिक साधकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, हालांकि गृहस्थ भी नियम और श्रद्धा के साथ इसकी पूजा कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
देवी की दस महाविद्याएं कौन सी हैं?
गुप्त नवरात्रि में देवी की दस महाविद्याओं की पूजा अर्चना की जाती है। इनकी कृपा पाने के लिए भक्त गुप्त साधनाएं करते हैं। आइए जानें कौन है दस महाविद्याएं। इनमें मां काली, तारा देवी, षोडषी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, और कमला देवी शामिल हैं। ये साधनाएं तंत्र-मंत्र से जुड़े साधक ही करते हैं।
मां किन नौ रूपों की भक्त करें पूजा
सामान्य भक्तों इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की ही पूजा करनी चाहिए। इनमें मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। पूजा करते समय दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं। कई भक्त इन नौ दिनों में व्रत भी करते हैं। आपको बता दें कि इन नौ दिनों में विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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Anuradha Pandeyशार्ट बायो
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