Gupt Navratri: दस महाविद्याओं की आराधना आज से, 23 जुलाई तक चलेंगे

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

गुप्त नवरात्र को तांत्रिक साधना के लिए खास माना जाता है। हालांकि ग्रहस्थ भी इनमें मां के लिए यज्ञ आदि कर सकते हैं।

July 14 or 15 Gupt Navratri 2026 Ghatsthapana time kab hai Navratri Muhurat Durga Pooja

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन दुर्गा नवमी के साथ होगा। आमतौर पर गुप्त नवरात्र में माघ मास और आषाढ़मास में आते हैं, इनमें मां के दस विधाओं की पूजा की जाती है। यहां हम आपको बताएंगे कि मां की कौन सी दस महाविधाएं है। इसके अलावा शारदीय और चैत्र नवरात्र आते हैं जिनमें मां के नौ रूपों की अराधना की जाती है। इनमें कलश स्थापना होती है। ग्रहस्थ इन व्रतों को रखते हैं। लेकिन गुप्त नवरात्र को तांत्रिक साधना के लिए खास माना जाता है। हालांकि ग्रहस्थ भी इनमें मां के लिए यज्ञ आदि कर सकते हैं।

कब से शुरू हो रहे हैं गुप्त नवरात्र और कब तक चलेंगे?

पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से प्रारंभ हो रही है। ये 23 जुलाई तक चलेंगे। आपको बता दें कि तांत्रिक ग्रंथों, जैसे मेरु तंत्र और डामर तंत्र में इन नौ दिनों का उल्लेख किया गया है और इन नौ दिनों को विशेष साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

तांत्रिक और साधकों के लिए खास माने जाते हैं गुप्त नवरात्रि

उन्होंने बताया कि जहां सामान्य नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की आराधना का विधान है। यह साधना विशेष रूप से तांत्रिक साधकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, हालांकि गृहस्थ भी नियम और श्रद्धा के साथ इसकी पूजा कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

देवी की दस महाविद्याएं कौन सी हैं?

गुप्त नवरात्रि में देवी की दस महाविद्याओं की पूजा अर्चना की जाती है। इनकी कृपा पाने के लिए भक्त गुप्त साधनाएं करते हैं। आइए जानें कौन है दस महाविद्याएं। इनमें मां काली, तारा देवी, षोडषी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, और कमला देवी शामिल हैं। ये साधनाएं तंत्र-मंत्र से जुड़े साधक ही करते हैं।

मां किन नौ रूपों की भक्त करें पूजा

सामान्य भक्तों इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की ही पूजा करनी चाहिए। इनमें मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। पूजा करते समय दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं। कई भक्त इन नौ दिनों में व्रत भी करते हैं। आपको बता दें कि इन नौ दिनों में विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


विजन

अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।


विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र

कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।


विशेषज्ञता

कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan